संसू, फतेहगंज पश्चिमी (बरेली) : सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जांच कर रही पुलिस को छानबीन के दौरान आरोप संदिग्ध मिले। जांच में पता चला कि महिला ने राजनीति के तहत यह आरोप लगाया है। इससे पहले भी छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि की धाराओं में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुकी है। अब पुलिस पीड़िता की भूमिका की जांच में जुटी है। इसलिए पुलिस ने अब तक सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

पुलिस के मुताबिक सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों ने एक माह पूर्व एक गांव की ग्राम प्रधान पर विकास कार्यो में घपले का आरोप लगाते हुए शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने सीडीओ को मामले की जांच कराने के आदेश दिए। सीडीओ ने मामले की जांच जिला कृषि अधिकारी आरपी यादव को सौंपी। जांच में आरोप सही पाए गए। प्रधान ने कागजों में काम होना दिखाकर विकास कार्य के 16 लाख रुपये हड़प लिए थे। जिस पर महिला ग्राम प्रधान और सचिव से जवाब तलब किया गया। इसके बाद से प्रधान का देवर शिकायतकर्ता से रंजिश मानने लगा। उसने महिला का इस्तेमाल कर शिकायतकर्ता के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दिलवा दी। इससे पहले महिला आठ लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़छाड़ आदि के आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करा चुकी है, जिनमें से अधिकांश मुकदमे जांच में फर्जी पाए गए। वहीं सामूहिक दुष्कर्म का एक आरोपित के शरीर का निचला हिस्सा पोलियोग्रस्त है। उसके दोनों पैर खराब हैं, वह चलने में असमर्थ है। वर्जन ----

शुरुआती जांच में आरोप फर्जी पाए गए हैं। महिला पहले भी कई लोगों पर दुष्कर्म और छेड़छाड़ का आरोप लगाकर मुकदमे दर्ज करा चुकी है, जो जांच में फर्जी पाए गए। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

-शिवदीन वर्मा, थाना प्रभारी फतेहगंज पश्चिमी

Posted By: Jagran

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