जेएनएन, बरेली : नवाबगंज क्षेत्र में तीन साल पहले किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के दोनों आरोपितों को स्पेशल कोर्ट ने दोषी मान लिया। अब दस जनवरी को कोर्ट सजा सुनाएगी। एडीजीसी ने निर्भया कांड जैसी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपितों के लिए फांसी की मांग की है।

नवाबगंज क्षेत्र के एक गांव में 29 जनवरी 2016 को जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया था। दो आरोपितों ने किशोरी से दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी। तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया तो किशोरी के प्राइवेट पार्ट में सरसों के पौधों की लकड़ी मिली, गंभीर चोटें भी थीं। घटना के बाद जब दोनों आरोपित गिरफ्तार हुए तो उन्होंने कुबूला कि शराब के नशे में लड़की से दुष्कर्म किया।

फांसी की सजा मिले : एडीजीसी रीतराम राजपूत ने वारदात की निर्भया कांड से तुलना करते हुए दोषियों को फांसी की सजा की मांग की है। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट सुनील कुमार यादव ने फैसले की तारीख 10 जनवरी देते हुए दोनों को जेल भेज दिया।

लगातार तीन दिन चली बहस : कोर्ट में मामले की लगातार तीन दिन बहस चली। अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। दोषियों पर एससी एसटी एक्ट में भी सजा सुनाई जाएगी।

यह था मामला : नवाबगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी अपनी मां के साथ गन्ने की पताई लेने खेत पर गई थी। पताई लेकर घर रखने गई लेकिन दोबारा मां के पास नहीं पहुंची। रास्ते में ही मुरारीलाल गंगवार व उमाकांत गंगवार ने उसे खेत में दबोच लिया और वारदात को अंजाम दिया। किशोरी का शव सरसों के खेत से बरामद हुआ था।

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