जेएनएन, बरेली :  एक शिक्षिका ने शनिवार को प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति की छात्र को बाल पकड़ कर बच्चों से अलग बैठा दिया। विरोध किया तो शिक्षिका ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसे धूप में मुर्गा बना दिया। छात्र ने रविवार को पिता को घटना की जानकारी दी। छात्र के पिता की ओर से मामले में तहरीर दी गई है। उसमें शिक्षिका पर उक्त आरोप लगाए गए हैं।

अध्यापिका पर लगा भेदभाव करने का आरोप 

ग्राम अभयराजपुर के प्राथमिक विद्यालय में गांव के अनुसूचित जाति के राजेश पाल की बेटी कक्षा चार की छात्र है। उनका आरोप है कि उनकी बेटी के अनुसूचित जाति के होने के कारण विद्यालय की अध्यापिका संध्या शर्मा भेदभाव करती हैं। शनिवार को उनकी बेटी विद्यालय गई तो अध्यापिका ने दूसरे बच्चों के बीच से उसे बाल पकड़कर अलग बैठा दिया। उसे जातिसूचक शब्द कहे। जब उनकी बेटी ने इसका विरोध किया तो उसे काफी देर धूप में मुर्गा बना दिया। राजेश पाल का आरोप है कि अध्यापिका उनकी बेटी से कहती हैं कि तुङो बड़ी होकर वैसे ही साफ सफाई करनी है। कौन सी तुङो अधिकारी बनना है। राजेश का यह भी आरोप है कि शिक्षिका चाहती हैं कि उनकी बेटी पढ़ाई बंद कर दे।

छात्र कई दिनों के बाद शनिवार को विद्यालय आई थी। मैंने उससे विद्यालय न आने का कारण पूछा तो उसने बताया कि घर का काम कर रही थी। इस पर मैंने उसे समझाया था कि सारे बच्चे रोज स्कूल आते हैं आप भी रोज स्कूल आया करो, वरना पढ़ाई में पिछड़ जाओगी। मेरे लिए सभी बच्चे एक समान हैं। मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। -संध्या शर्मा, अध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय अभयराजपुर

छात्र के पिता थाने में एक महिला दारोगा को तहरीर दे गए थे। मामले की जांच कराई जा रही है। - गौरव सिंह, कोतवाल नवाबगंज

Posted By: Abhishek Pandey

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