सावन के अंतिम सोमवार पर धूप में भी नहीं डिगी भक्ति, बरेली के नाथ मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
सावन के अंतिम सोमवार को बरेली के नाथ मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। तेज धूप के बावजूद शिवभक्तों ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, बरेली। सावन मास के अंतिम व चौथे सोमवार को नाथनगरी बरेली पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आई। तड़के से ही शहर के प्रसिद्ध नाथ मंदिरों और शिवालयों में जलाभिषेक व दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।
तेज धूप और गर्मी के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह व आस्था में कोई कमी देखने को नहीं मिली। हर तरफ हर-हर महादेव, बम-बम भोले और ओम नमः शिवाय के उद्घोष से पूरी नाथनगरी गूंज उठी।

शहर के प्रमुख मंदिरों अलखनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वरनाथ, त्रिवटीनाथ, बनखंडीनाथ, पशुपतिनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी-लंबी पंक्तियां लग गईं। धोपेश्वर नाथ मंदिर परिसर में स्थिति यह रही कि श्रद्धालुओं की कतार मंदिर के सरोवर के चारों ओर घूमती हुई बाहर सड़क तक पहुंच गई। तेज धूप में खड़े होने के बावजूद महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस बल और महिला कांस्टेबलों की तैनाती की गई थी। बैरिकेडिंग के जरिये भीड़ को नियंत्रित करते हुए बारी-बारी से श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश देकर शांतिपूर्ण तरीके से जलाभिषेक कराया गया।
कांवड़ियों ने किया गंगाजल से अभिषेक, मांगी क्षमा
हरिद्वार और बदायूं के कछला घाट से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों के जत्थों ने सामूहिक रूप से शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। विशाल शिवलिंगों पर जलधार अर्पित कर कांवड़ियों ने अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस दौरान कई कांवड़ियों ने यात्रा के दौरान हुई अनजाने भूल-चूक के लिए मंदिर परिसर में कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई और भगवान भोलेनाथ से क्षमा मांगी। भगवान भोलेनाथ से आशीर्वाद मांगा कि अगले वर्ष कावड़ यात्रा में शामिल होने के लिए वह सुखी और स्वस्थ रहें।
जगह-जगह लगे सेवा शिविर व भंडारे
कांवड़ियों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के स्वागत व सेवा के लिए शहर में जगह-जगह सामाजिक संगठनों और शिव समितियों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए। शिविरों में कांवड़ियों के विश्राम, फलाहार, भोजन प्रसाद और ठंडे पेयजल की व्यवस्था रही। इसके अलावा, लंबी यात्रा से थके कांवड़ियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा, और दवाओं के भी व्यापक प्रबंध किए गए थे।
तुरंतनाथ मंदिर में हुआ भव्य रुद्राभिषेक
अंतिम सोमवार के विशेष अवसर पर कई मंदिरों और घरों में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए गए। चीनी मिल कालोनी स्थित तुरंतनाथ मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक और हवन-पूजन का आयोजन हुआ।
अनुष्ठान में शामिल श्रद्धालु रविकांत वाजपेयी ने बताया कि सावन में भगवान आशुतोष के रुद्राभिषेक से मन को असीम शांति मिलती है, सभी कष्ट दूर होते हैं और अटके हुए कार्य सिद्ध होते हैं। यही कारण है कि प्रतिवर्ष सावन के दौरान यहां पूरी निष्ठा व धूमधाम से रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाता है। शहर के अन्य मंदिरों में भी विभिन्न आयोजन हुए।
