यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सादिक सजाते हनुमान, रावण को तैय्यब
रामलीला के पात्रों को जीवंत करने के लिए मंच पर जो दिखता है।

जागरण संवाददाता, बरेली: रामलीला के पात्रों को जीवंत करने के लिए मंच पर जो दिखता है, सामान्य तौर पर हम उसी से रूबरू होते हें। कलाकारों के संवाद, उनके हाव-भाव और दमदार आवाज। मगर मन मोह लेने वाली इस प्रस्तुति के पीछे भी एक टीम होती है। उसी की मौजूदगी की वजह से हमें कभी मंच पर एक कलाकार भगवान श्रीराम दिखता है तो दूसरा रावण का स्वरूप। विंडरमेयर में चल रही रामलीला में मंच के पीछे यह टीम तो सौहार्द का संदेश भी दे रही। वहां हनुमान के पात्र को सजाने में साजिद जुटे रहते हैं तो रानू तैय्यब रावण को तैयार करते हैं।
विंडरमेयर में रामलीला का मंचन भले शाम सात बजे से शुरू होता है, लेकिन कलाकार इससे दो घंटे पहले से तैयारियों में जुट जाते हैं। थियेटर में नीचे बने सैलून में हर कलाकार इकट्ठा होता है। प्रत्येक को उनके किरदार में ढालने के लिए अलग लोग तय हैं। ढाई घंटे की रामलीला के लिए कलाकार अपने मेकअप पर डेढ़ से दो घंटे का समय देते हैं।
ऐसे तैयार होते हैं कलाकार
कलाकारों का कैसा मेकअप करना है, इसकी कमान अंबुज कुकरेती के हाथ है। निर्देशन उन्हीं का होता है। टीम लीडर शादिक बताते हैं कि कौन सा कलाकार कैसा दिखे, इसलिए इंटरनेट की मदद भी लेते हैं। मसलन, भगवान राम की छवि दिखे, इसके लिए फोटो डाउनलोड किया। उसी अनुरूप मेकअप किया जाता है। तैयार होने के समय कलाकार भी एक दूसरे के लिए सुझाव देते हैं।
तिलक का रखा जाता है विशेष ध्यान
लक्ष्मण बने अचल सिसौदिया कहते हैं कि पात्र के अनुसार मेकअप हल्का और भारी रहता है। विशेष ध्यान इस दौरान तिलक पर रखा जाता है। प्रभु श्रीराम के साथ लक्ष्मण और रावण का तिलक बनाने में रंग और लंबाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे यह आकर्षक और प्रभावशाली हो। दर्शकों के मनोभाव को भी समझना जरूरी है। उनके मन में पात्रों की छवि बसी होती है, उसी अनुसार वह कलाकार दिखे तभी प्ले जीवंत हो सकेगा। यहां राम, लक्ष्मण, सीता का मेकअप आयुषी और मेघनाथ का श्रंगार भी रानू तैयब ही करते हैं।
बालों को संवार रहे अजहर और मोहसिन
कलाकार अपने मेकअप के साथ ही बालों के स्टाइल का भी पूरा ध्यान रखते हैं। रामलीला में सीता का रोल निभा रही अस्मिता ने सोमवार को बालों की लंबाई थोड़ा कम कराई। रावण बने अजय चौहान बोले, रविवार को हुई लीला में बालों की लंबाई थोड़ा ज्यादा लगी, इसलिए कम करने को बोला है। यह जिम्मेदारी अजहर, मनी और मोहसिन संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के जेहन में प्रभु की एक तस्वीर बनी हुई है। उसके अनुसार ही कलाकारों के बाल संवारते हैं।
