विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MJPRU का बड़ा फैसला: AI संग रोजगारपरक शिक्षा पर जोर, डिग्री-प्रमाणपत्रों पर 'इंडिया' की जगह लिखा जाएगा 'भारत'

Published: Thu, 29 Oct 2026 04:20 PM (IST)

रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने विद्या परिषद की बैठक में रोजगारपरक और एआई आधारित शिक्षा पर जोर दिया, जिसमें नए पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव को मंजूरी मिली।

रुहेलखंड विश्वविद्यालय

रुहेलखंड विश्वविद्यालय

HighLights

  1. बीजेएमसी, एमजेएमसी, एमएससी-फूड साइंस एंड टेक्नोलाजी होगा शुरू

  2. रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित हुई विद्या परिषद की बैठक

जागरण संवाददाता, बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित विद्या परिषद की बैठक में उच्च शिक्षा को रोजगारपरक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित बनाने पर जोर दिया गया। बीएड की मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव की स्वीकृति दे दी गई। अब 70 प्रतिशत बाह्य और 30 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन होगा।

बैचलर और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के नए पाठ्यक्रम शुरू करने पर सहमति बनी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के चौथे वर्ष में आनर्स और आनर्स विद रिसर्च पाठ्यक्रमों के निर्माण व अनुमोदन पर विचार किया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने बीएससी बायोइंफार्मेटिक्स, एमबीए एग्री बिजनेस और एमएससी फूड साइंस एंड टेक्नोलाजी जैसे पाठ्यक्रमों पर भी चर्चा की।

University Gate Decisions Infographic

शैक्षिक सत्र 2027-28 से कई पाठ्यक्रमों को वार्षिक के बजाय सेमेस्टर प्रणाली में बदलने पर विचार किया गया। संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, संगीत, जंतु विज्ञान, गृह विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, वाणिज्य, बायोटेक्नोलाजी और सांख्यिकी समेत कई विषयों के संशोधित पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई।

विद्या परिषद ने एमएससी पादप विज्ञान, माइक्रोबायोलाजी और एनिमल साइंस पाठ्यक्रमों में एआइ को शामिल करने, बीटेक इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग और बीएससी माइक्रोबायोलाजी के संशोधित पाठ्यक्रमों को सहमति दे दी।

बीटेक (एआइ) के विस्तृत पाठ्यक्रम, बीटेक प्रथम वर्ष के संशोधित कोर्स स्ट्रक्चर और एमटेक (सीएसआइटी) के कोर्स स्ट्रक्चर को शैक्षिक सत्र 2027-28 से लागू करने पर सहमति बनी।

केंद्रीय पुस्तकालय का आधुनिकीकरण करते हुए वात्सल्य डे-केयर सेंटर को 24 घंटे अध्ययन कक्ष के रूप में विकसित किया जाएगा। पुस्तकालय भवन का विस्तार और ओपन रैक प्रणाली जैसे प्रस्ताव दिए गए।

उद्योग-विश्वविद्यालय सहयोग प्रकोष्ठ, भारतीय ज्ञान परंपरा अनुसंधान केंद्र, कौशल विकास, उद्यमिता उन्नयन एवं स्वावलंबन प्रकोष्ठ की स्थापना पर विचार हुआ।

बैठक में कुलसचिव महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक अनिल कुमार यादव, डीन एकेडमिक प्रो. एसके पांडेय, प्रो. संजय गर्ग, प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. त्रिलोचन शर्मा, प्रो. अमित सिंह आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें- वोटर लिस्ट में गजब का खेल: पति का नाम 'नामालूम', मकान नंबर 'तिलक कॉलोनी'... बरेली की मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी