वोटर लिस्ट में गजब का खेल: पति का नाम 'नामालूम', मकान नंबर 'तिलक कॉलोनी'... बरेली की मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी
बरेली की कैंट विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिसमें एक ही मतदाता के नाम ...और पढ़ें

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HighLights
एक ही व्यक्ति के दो जगह नाम, क्रमांक बदला, सब कुछ समान
समाजवादी पार्टी ने उठाया मुद्दा, व्यवस्था पर उठाया गया सवाल
जागरण संवाददाता, बरेली। विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं हैं। कैंट विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची जारी होने के बाद इसमें कमियां साफ दिखाई देने लगी हैं। एक ही मतदाता के दो से तीन जगह नाम दर्ज हैं, लेकिन क्रमांक संख्या बदला हुआ है।
पुनरीक्षण अभियान में बरती गई लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मकान संख्या के आगे तिलक कालोनी और पति के नाम की जगह नामालूम अंकित किया गया है।
हाल ही पीलीभीत जिले में मतदाता सूची में खामियां उजागर होने पर उप जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। बरेली में समाजवादी पार्टी, मतदाता सूची का सत्यापन कराने से पहले पदाधिकारियों से सूची की जांच करा रही है।
कैंट विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की जांच कर रहीं महानगर उपाध्यक्ष सम्युन खान ने सूची की खामियां उजागर की हैं। क्रमांक 561 पर मनीषा, पति अश्वनी कुमार, मकान संख्या 273, आयु 37 वर्ष और लिंग-महिला अंकित है, यही विवरण क्रमांक संख्या 562 पर भी दर्ज है जबकि ईपिक संख्या का क्रम बदला हुआ है।
क्रमांक संख्या 563 पर अनीता देवी पति कुलदीप कश्यप, मकान संख्या एक अंकित है, जबकि क्रमांक संख्या 563 पर अनीता देवी, पति कुलदीप कश्यप, मकान संख्या 250 अंकित है, फोटो समान है, जबकि ईपिक संख्या अलग-अलग अंकित है।
क्रमांक संख्या 103 पर बादामो नाम की महिला के पति के नाम की जगह नामालूम लिखा हुआ है। इसी तरह की खामियां जगह-जगह दिखाई पड़ रही हैं। क्रमांक संख्या 196 पर रीता सिंह के ईपिक पर मकान संख्या की जगह रत्नाकर लिखा हुआ है, जबकि कविता की वोटर आइडी में मकान संख्या की जगह तिलक कालोनी अंकित है।
क्रमांक संख्या 423 और 424 पर एक व्यक्ति मोहन का नाम और फोटो है। सम्युन खान का कहना है कि कैंट विधानसभा क्षेत्र की भाग संख्या 75, 81 और 84 में मतदाताओं के नाम की पुनरावृत्ति है, मकान संख्या, लिंग में भी गड़बड़ी दिखाई पड़ रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी और प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त से सवाल किया है कि एसआइआर और गहन मतदाता पुनरीक्षण के बाद भी इस तरह की गड़बड़ी कैसे हुई। उन्होंने आशंका जताई है कि इसका लाभ सत्ताधारी पार्टी उठाएगी।
उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को यह मामला भेजकर प्रशासन से मतदाता सूची में पारदर्शिता लाने की मांग उठाई है। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, काटने और संशोधन का काम लगातार चल रहा है।
इसके लिए बीते दिनों बूथों पर विशेष अभियान भी चलवाए गए। जिन मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में दो जगह लिखने की बात कही जा रही है, उनका तो पूर्व में ही फार्म सात भरकर एक से अन्य जगह नाम काटने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
