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650 करोड़ खर्च होने के बाद याद आया... अब बदलेगा रामगंगा बैराज का डिजाइन, CWC की टीम करेगी मुआयना

Published: Tue, 13 Oct 2026 06:00 AM (IST)

बरेली-बदायूं में रामगंगा बैराज परियोजना ₹650 करोड़ खर्च होने के बावजूद छह साल से अधूरी है। केंद्रीय जल आयोग ने ...और पढ़ें

रामगंगा बैराज। जागरण

रामगंगा बैराज। जागरण

HighLights

  1. केंद्र सरकार से दो साल मांगा गया था 1554.50 करोड़ का पुनरीक्षित बजट

कमलेश शर्मा, बरेली। बरेली और बदायूं जिले में नहरों का जाल बिछाने के लिए रामगंगा नदी पर 650 करोड़ रुपये खर्च कर बैराज बनाया जा चुका है। 57.85 किमी नहरों की खोदाई भी कराई जा चुकी है, लेकिन छह साल से यह परियोजना अधूरी पड़ी है। कार्य पूर्ण कराने के लिए केंद्रीय जल आयोग को 1554.50 करोड़ रुपये की मांग दो साल पहले की गई थी।

महीनों मंथन के बाद आयोग ने निर्माणाधीन बैराज के डिजाइन में बदलाव की आवश्यकता बताई है। विशेषज्ञों के साथ आयोग की टीम धरातल पर बैराज की उपयोगिता का आकलन करेगी, इसके बाद ही बजट आवंटित किया जाएगा।

Dam and Canal Project Infographic

रामगंगा में वर्ष 2010 में आई बाढ़ में बरेली और बदायूं जिले के दर्जनों गांवों में पानी घुस गया था। कई गांवों के मकान सैलाब में समा गए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने चौबारी में रामगंगा नदी पर बैराज बनाकर नहरों का जाल बिछाने के निर्देश दिए थे।

उद्देश्य यह था कि दोनों जिलों को बाढ़ से राहत मिल जाएगी और नहरों से सिंचाई की सुविधा भी मिलने लगेगी। लखनऊ से आई इंजीनियरों की टीम ने सर्वे कर बदायूं सिंचाई परियोजना तैयार की। सरकार ने भी बजट आवंटित कर निर्माण शुरू करा दिया।

बैराज का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो जाने के बाद सत्ता परिवर्तन हो गया और बजट का आवंटन नहीं हो सका। बरेली और बदायूं दोनों जिलों के गांवों में नहरों की खोदाई भी कराई गई, लेकिन उसमें पानी नहीं पहुंच सका।

सिंचाई विभाग से बार-बार बजट मांगने पर प्रदेश सरकार ने 1554.50 करोड़ रुपये का पुनरीक्षण बजट तैयार कराकर मांग पत्र केंद्रीय जल आयोग को भेज दिया। आयोग की मीटिंग तो कई बार हो चुकी है, लेकिन इस परियोजना पर निर्णय अभी तक नहीं हो सका है।

अर्से बाद इसमें अपडेट आया है कि निर्माणाधीन बैराज का डिजाइन परिवर्तित किए जाने की आवश्यकता है। आयोग की टीम विशेषज्ञों के साथ आकर मौका मुआयना करेगी।

इसके बाद ही बजट आवंटन का निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय जल आयोग में हुई हलचल को देखते हुए उम्मीद बढ़ी है कि निकट भविष्य में अधूरी परियोजना को बजट देकर पूर्ण कराया जा सकता है।

 

चौबारी में रामगंगा नदी पर निर्माणाधीन बैराज के अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने को केंद्र सरकार से बजट मांगा गया है। केंद्रीय जल आयोग ने बैराज के डिजाइन में बदलाव की आवश्यकता बताई है। विशेषज्ञों के साथ आयोग की टीम जल्द यहां आकर परियोजना की उपयोगिता देखेगी। आकलन रिपोर्ट के आधार पर डिजाइन में बदलाव और बजट का आवंटन हो सकता है।

- धर्मेंद्र वर्मा, अधिशासी अभियंता, बदायूं सिंचाई परियोजना


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