जागरण संवाददाता, बरेली: विवाह के छह माह के अंदर पत्‍‌नी की जलाकर हत्या करने के जुर्म में अदालत ने पति को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

विवाहिता के पिता राजेंद्र ने बिथरी चैनपुर में अपने दामाद राहुल मिश्रा उसके बड़े भाई गोपाल मिश्रा व उसकी पत्‍‌नी मीनू मिश्रा के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान जेठ व जेठानी की नामजदगी झूठी पाकर उनका नाम निकाल दिया था। शासकीय अधिवक्ता अनूप कोहरवाल ने बताया कि राजेन्द्र ग्राम गुलड़िया हजारी लाल के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी बेटी सविता का विवाह 20 जून 2014 को राहुल मिश्रा निवासी ग्राम रजऊ परसपुर के साथ किया था। लड़की की ससुराल वाले दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये मांग रहे थे। पुलिस ने दहेज हत्या के जुर्म में मृतका के पति राहुल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा था। छह दिसंबर 14 को रात के नौ बजे सविता को जलाकर मार डालने की सूचना उसके पिता को किसी अज्ञात व्यक्ति ने दी थी। कोर्ट में राजेन्द्र ने दामाद के अलावा दोनों आरोपितों को तलब करने की याचना की थी। अदालत के आदेश पर मृतका के जेठ व जेठानी को तलब कर उनके खिलाफ भी मुकदमे का परीक्षण किया गया। साक्ष्य में आधा दर्जन गवाह पेश किए गए थे। मृतका ने मृत्यु पूर्व बयान में पति पर मिट्टी का तेल डालकर जलाने का बयान दिया था। विशेष न्यायधीश सैय्यद सरबर हुसैन रिजवी ने मृतका के पति राहुल मिश्रा को उम्र कैद की सजा से दंडित किया है।

Posted By: Jagran

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