जेएनएन, पीलीभीत : प्राथमिक विद्यालय में सुबह को निर्धारित सरस्वती वंदना के बजाय मदरसे में होने वाली उर्दू दुआ (प्रार्थना) कराई जा रही थी। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम से इसकी शिकायत की तो आरोपित प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया। इस प्रकरण में एक वीडियो भी वायरल हो रहा, जिसमें बच्चे एक मैदान में उर्दू में दुआ करते नजर आ रहे।

पिछले सप्ताह हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम सौरभ दुबे को ज्ञापन दिया था। इसमें आरोप था कि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में स्थित ग्यासपुर प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में कार्यरत प्रधानाध्यापक फुरकान अली सुबह को निर्धारित सरस्वती वंदना के पाठ के स्थान पर जबरन बच्चों से मदरसे में कराए जाने वाली दुआ (प्रार्थना) करा रहे। जोकि उर्दू में होने के कारण बच्चों को परेशानी हो रही। इससे अभिभावक भी असंतुष्ट हैं। उन्होंने जांच कराई तो मामला सही पाया गया, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने डीएम वैभव श्रीवास्तव को भेजी।

डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. देवेंद्र स्वरूप को कार्रवाई के निर्देश दिए। जिस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। चूंकि, खंड शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार विश्वकर्मा के कार्यालय में ही यह स्कूल संचालित हो रहा इसलिए उनसे भी पूछताछ के निर्देश दिए हैं। उधर, निलंबित प्रधानाध्यापक ने बताया कि शासन की ओर से भेजी गई उर्दू की पुस्तकों में दी गई दुआ (प्रार्थना) कराई जा रही थी, जो मान्य है। इस मामले के बाद डीएम की ओर से सभी स्कूलों एक पत्र जारी किया जा रहा है। जिससे स्कूलों में सरस्वती वंदना का पाठ किए जाने की बात सुनिश्चित हो सके।  

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