बरेली(जेएनएन)। पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान रेलवे स्टेशन और सैटेलाइट पर भीड़ उमड़ पड़ी। इससे परीक्षार्थियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, गलत पेपर आने पर परीक्षार्थियों में आक्रोश देखने को मिला। द्वितीय पाली में प्रश्न पत्र में बड़ी खामिया सामने आईं। परीक्षा पुस्तिका सीरीज 39 और पुस्तिका संख्या 2553783 में जनरल नालेज 35 प्रश्न दो बार पूछे गए। एक से 35 प्रश्न एक नंबर के बाद सीधे 124 नंबर का प्रश्न रीजनिंग से जुड़ा शुरू हो गया। इस प्रकार बीच के 53 प्रश्न गायब थे। वहीं, शहर में कैंडिडेट्स का सैलाब उमड़ पड़ा। दोनों पालियों में 26494 कैंडिडेट्स एग्जाम देने पहुंचे। जबकि, 11 परसेंट कैंडिडेट्स अब्सेंट रहे। दो पाली में आयोजित परीक्षा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। सख्त चेकिंग के बाद ही सेंटर्स के अंदर कैंडिडेट्स को एंट्री दी गई। चेकिंग के दौरान मामूली नोकझोंक की बातें भी सामने आई, लेकिन परीक्षा शातिपूर्ण आयोजित हुई। जहा एक ओर सरल क्वेश्चन पेपर्स से कैंडिडेट्स के चेहरे खिले लेकिन यातायात की साधन न मिलने की वजह से उन्हें रोना आ गया। रोडवेज की ओर से एक्स्ट्रा बसों का इंतजाम नहीं किया गया, जिसका फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया। पिकअप, प्राइवेट बस, ऑटो, टेंपो सभी ने दो गुने से 10 गुने तक अधिक किराया वसूला। मंगलवार को ट्रासपोर्ट में दिक्कत न हो, इसके लिए एसएसपी ने रोडवेज के अधिकारियों से एक्स्ट्रा बसें चलाने के लिए कहा है। उपस्थित उम्मीदवार 89 परसेंट कैंडिडेट्स प्रेजेंट हुए 11 परसेंट कैंडिडेट्स नहीं पहुंचे फ?र्स्ट पाली-13262, सेकंड पाली-13232 हाई मेरिट की टेंशन पुलिस भर्ती एग्जाम कैंडिडेट्स के लिए काफी हद तक आसान रहा। कैंडिडेट्स के चेहरे पर एक तरफ अच्छे एग्जाम की खुशी तो वहीं दूसरे उनके चेहरे पर एक टेंशन भी दिखाई दे रही थी। कैंडिडेट्स का कहना है कि एग्जाम तो सिम्पल आया था लेकिन अब मेरिट के बारे में सोच कर डर लग रहा है। जितना सिम्पल एग्जाम था उतनी ही हाई मेरिट भी जाएगी। कुछ इस तरह के पूछे गए थे सवाल -मुंशी प्रेमचंद्र का जन्म कहा हुआ था -राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत में कब स्थापित हुआ था -उत्तर प्रदेश का राजकीय फूल क्या है -हिमालय का तीसरा सबसे बड़ा शिखर क्या है -प्रसिद्ध सूफी संत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह उत्तर प्रदेश में कहा स्थित है -हॉकी दिग्गज मेजर ध्यानचंद का जन्म कहा हुआ था -उत्तर प्रदेश के किस शहर को पूर्व का ग्रास के नाम से जाना जाता है -भारत और पाकिस्तान के बीच कितनी पार-सीमा ट्रेन चलती है -हाल में ही एक वैश्रि्वक डाटा चोरी अपराध में किस कंपनी का नाम आया था -गोदावरी नदी का उद्गम स्थल किस राज्य में है बिना एक्स्ट्रा कोच के चली ट्रेनें बरेली जंक्शन पर मंडे को काफी अफरा-तफरी का माहौल रहा। रेलवे की ओर से पहले से कोई तैयारी नहीं थी। जिस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कैंडिडेट्स की भीड़ जुटने की पहले से जानकारी होने के बावजूद भी न तो एक्स्ट्रा कोच के साथ ट्रेनों को चलाया गया और न ही स्पेशल ट्रेनें चलाई गई। ऊपर से ट्रेनों की लेटलतीफी से मुश्किलें और बढ़ गई। लिहाजा, भीड़ इतनी रही कि कोच में पैर रखने तक की जगह नहीं थी. टिकट काउंटर भी लोगों की लम्बी लाइन लगी रही। जाम से जूझती रही बरेली भर्ती परीक्षा के चलते दिन भर पब्लिक जाम से परेशान होती रही। फ?र्स्ट पाली में एग्जाम छूटने के बाद चौपुला चौराहा पर लंबा जाम लग गया। एसएसपी के निर्देश पर करीब तीन घटे बाद ट्रैफिक नॉर्मल हो सका। यहा ड्यूटी में लगे कई कॉन्स्टेबल आराम फरमाते रहे और पब्लिक ने टोका तो उनसे मिसबिहैव भी किया। वहीं सेकंड पाली में एग्जाम छूटने के बाद फिर से जाम लग गया। इस पर सैटेलाइट चौक भी पूरी तरह से जाम हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद हालात सामान्य हो सके. शहर के अंदर भी जाम की स्थिति उत्पन्न रही। प्राइवेट बसों में वसूला गया किराया जिला किराया वसूला फर्रूखाबाद 126 250 बरेली मोड 70 150 शाहजहापुर 94 160 कन्नौज 190 300 जलालाबाद 78 150

Posted By: Jagran

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