Pilibhit PM Awas Yojna News : प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत जब रामचरन का नाम सूची में आया था, तो पूरा परिवार बहुत खुश हुआ था। सोचा था कि सरकार की मदद से अब जल्द ही अपना पक्का घर हो जाएगा। पक्का घर बन भी गया लेकिन योजना की तीसरी किस्त का भुगतान अभी तक नहीं मिला। कहा गया कि आवास निर्माण पूर्ण हो जाने पर तीसरी किस्त का पैसा मिलेगा। ऐसे में कर्ज लेकर निर्माण पूरा करा दिया लेकिन अंतिम किस्त की धनराशि अभी तक बैंक खाते में नहीं आई। यह समस्या अकेले रामचरन की नहीं बल्कि अनेक लाभार्थी तीसरी किस्त का पैसा न मिल पाने के कारण परेशान हैं।

इस योजना के तहत चयनित लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाती है। पहली किस्त पचास हजार रुपये की मिलती है। इस धनराशि से निर्माण के लिए नींव भरवाने के बाद दीवारें खड़ी हो जाने पर द्वितीय किस्त डेढ़ लाख रुपये दिए जाते हैं। इस तरह से लाभार्थी को कुल दो लाख रुपये में ही आवास का निर्माण पूरा करना होता है। धनराशि कम पड़ने पर लाभार्थी से कहा जाता है कि वह शेष धनराशि अपने स्रोत से जुटाकर व्यय करे। इसी फेर में आवास निर्माण पूरा कराने के लिए लोगों ने यह सोचकर कर्ज ले लिया कि तीसरी किस्त आते ही पैसा चुका देंगे लेकिन तीसरी किस्त आ ही नहीं रही है।

आवास का निर्माण कार्य पूरा हुए साल भर से ज्यादा समय हो गया लेकिन योजना की आखिरी किस्त के पचास हजार रुपये अभी तक खाते में नहीं आए हैं। जैसे तैसे तो निर्माण पूरा करा सके, अब पैसा न मिलने से दिक्कत है। रानी शर्मा

पिछले साल आवास स्वीकृत हुआ था। पहली और दूसरी किस्त तो समय से मिल गई। जिससे मकान बन गया लेकिन तीसरी किस्त अभी तक नहीं मिली। मकान में कुछ कार्य शेष रह गया है। पैसे के अभाव में कार्य रुका है। कमलेश कुमारी

अनेक लोगों की तीसरी किस्त अटक गई है। पता नहीं यह पैसा कब मिलेगा। कई लोग तो मकान का पूरा निर्माण कराने में कर्जदार हो गए। दूसरी किस्त के तौर पर मिले डेढ़ लाख पूरे खर्च हो गए। गंगा देवी

दो साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन हुआ था। दो किस्तें मिल गई थीं। उस धनराशि से मकान बनवा लिया। तीसरी किस्त भी आ गई थी लेकिन किसी ने धोखाधड़ी करके खाते से दस दस हजार करके चार किस्तों में 40 हजार निकाल लिए। बैंक में शिकायत कर चुका हूं लेकिन छह माह से ज्यादा समय बीत गया, कुछ नहीं हुआ। सुरेश चंद्र

जिन लोगों को तीसरी किस्त नहीं मिली, उनके आवास पूर्ण नहीं हैं। आवास निर्मित हो जाने के बाद उसमें प्लास्टर व रंग-रोगन कराने के बाद ही तीसरी किस्त संबंधित लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है। जो लाभार्थी अपने आवास में इन कार्यों को करा चुके, उनके खाते में पचास-पचास हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। अनामिका सक्सेना, परियोजना अधिकारी डूडा

Edited By: Ravi Mishra