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पासपोर्ट बनवाना हुआ और आसान: DigiLocker से मिनटों में होगा वेरिफिकेशन, बच्चों के नियमों में भी बड़ा बदलाव

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:22 PM (IST)

डीजी लॉकर के उपयोग से पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब और आसान हो गई है, जिससे आधार, पैन और हाईस्कूल ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 36 पेज के सामान्य पासपोर्ट की फीस पहले 1,500 रुपये थी, अब 2,500 रुपये

जागरण संवाददाता, बरेली। आप पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं तो आधार कार्ड, पैन कार्ड, हाईस्कूल का प्रमाण पत्र डीजी लाकर में रखें, इससे आनलाइन सत्यापन आसान हो जाएगा। बच्चों के पासपोर्ट बनवाने के नियम में भी बदलाव किया गया है। 15 साल से कम उम्र में पासपोर्ट बनवाने पर वह पांच साल या 18 वर्ष की उम्र पूरी करने तक वैध रहेगा।

कुछ समय पहले पासपोर्ट बनवाने का शुल्क बढ़ाया गया, लेकिन आवेदकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। सामान्य आवेदकों को 25 दिन बाद के अप्वाइंटमेंट मिल पा रहे हैं।

पासपोर्ट कार्यालय की व्यवस्था में हुए बदलावों में सबसे पहले डीजी लाकर की बात करते हैं। आवेदन के साथ हाईस्कूल का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड की छाया प्रति लगानी पड़ती है। इनका सत्यापन कराया जाता है।

आवेदक को मूल प्रति लेकर पासपोर्ट कार्यालय जाना पड़ता है। अगर आवेदक ने इन्हें डीजी लाकर में रखा है तो आनलाइन सत्यापन हो जाएगा, मूल प्रति दिखाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

बच्चों के पासपोर्ट बनवाने के नियम में हुए बदलाव की बात करें तो अभी तक 15 साल से कम उम्र के बच्चों का पासपोर्ट बनाने में कोई स्पष्ट नियम नहीं था। पासपोर्ट अधिकारी स्तर से वैधता निर्धारित की जाती थी।

अब अधिकतम वैधता पांच साल या 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने में जो पहले हो, तब तक वैध रहेगा। अगर 17 साल की उम्र में पासपोर्ट बनवाया जा रहा है तो वयस्क का शुल्क लेकर पासपोर्ट जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता पांच वर्ष होगी।

पासपोर्ट बनवाने के लिए प्रतिदिन 18 से 20 हजार तक आवेदन आ रहे हैं। पिछले एक जुलाई से शुल्क बढ़ने से पहले आवेदकों की संख्या बढ़ गई थी, तब दो महीने बाद के अप्वाइंटमेंट मिल पा रहे थे।

अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोलने पड़ रहे थे, लेकिन स्थिति सामान्य हुई है। अब सामान्य आवेदक को 20 से 25 दिन के बाद के अप्वाइंटमेंट मिल रहे हैं, जबकि तत्काल में आवेदन करने पर दूसरे, तीसरे दिन के अप्वाइंटमेंट मिल जा रहे हैं।

 

पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया सरल की गई है। आवेदकों की सुविधा के लिए डीजी लाकर को सम्मिलित कर लिया गया है। इससे प्रमाण पत्रों का सत्यापन आसान हो गया है। बच्चों के पासपोर्ट बनवाने के नियम में भी संशोधन हुआ है। पासपोर्ट को संभाल कर रखना चाहिए, रिन्युअल से पहले डैमेज होने पर दोगुणा शुल्क जमा करना पड़ेगा।

- शैलेंद्र कुमार सिंह, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी


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