रेखा आर्या के पति पप्पू गिरधारी की बढ़ीं मुश्किलें, 12 साल बाद बरेली पुलिस खंगाल रही आपराधिक इतिहास
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति पप्पू गिरधारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए ...और पढ़ें

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति पप्पू गिरधारी।
HighLights
पप्पू गिरधारी की मुश्किलें पत्नी के मुकदमे से बढ़ीं।
बरेली पुलिस उनकी निगरानी फिर से शुरू कर सकती है।
39 मुकदमे दर्ज, 2014 में निगरानी बंद हुई थी।
जागरण संवाददाता, बरेली। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से दर्ज केस वापस न लेने की वजह से उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उसकी बारादरी थाना में हिस्ट्रीशीट दर्ज है, लेकिन बेहतर चाल-चलन की वजह से 12 वर्ष पूर्व उसकी निगरानी बंद कर दी गई थी।
उस पर 18 वर्ष बाद नया मुकदमा दर्ज हुआ है और इस मामले में यदि देहरादून पुलिस आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल करती है तो पुलिस एक बार फिर उसकी निगरानी शुरू कर सकती है।
पप्पू गिरधारी पर सबसे पहले वर्ष 1990 में जैन दंपती हत्याकांड का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, गैंग्सटर समेत 39 मुकदमे दर्ज किए गए। आपराधिक रिकार्ड की वजह से उसकी हिस्ट्रीशीट बनाई गई और निगरानी भी शुरू की गई। उसके विरुद्ध वर्ष 2008 में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था, इस मामले में गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद से उसके विरुद्ध कोई भी केस दर्ज नहीं हुआ। उसके भतीजों का नाम तो कुछ वर्ष पहले पीलीभीत बाइपास पर फायरिंग केस में आया था। पप्पू गिरधारी राजनीति में शामिल होने के बाद अधिकांश समय उत्तराखंड में बिताने लगा और उसकी पत्नी रेखा आर्या मंत्री भी बन गईं।
जब बारादरी थाने में रेखा आर्या की ओर से पूर्व मैनेजर कल्पना पर प्राथमिकी दर्ज कराई तो पप्पू गिरधारी का नाम सामने आया और फिर बहेड़ी में भी उसकी ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई। अब कल्पना के मामले में ही बात बिगड़ गई और रेखा आर्या की ओर से पप्पू गिरधारी पर देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
यह मामला सामने आने के बाद बरेली पुलिस की ओर से पप्पू गिरधारी का पूरा आपराधिक इतिहास खंगाला गया जिसमें पता चला कि उसकी हिस्ट्रीशीट की निगरानी वर्ष 2014 में बेहतर चाल-चलन की वजह से बंद कर दी गई थी। एसपी सिटी चिराग जैन ने बताया कि पप्पू गिरधारी की अभी निगरानी नहीं हो रही है। यदि नए मामले में आरोप पत्र तय होता है तो निगरानी फिर से शुरू की जा सकती है।
देहरादून की एसआइटी ने बरेली पुलिस से नहीं किया संपर्क
पप्पू गिरधारी पर दर्ज मुकदमे की जांच देहरादून एसआइटी कर रही है। देहरादून पुलिस के मुताबिक एसआइटी ने बरेली जाकर जानकारी व दस्तावेज जुटाए थे। वहीं इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि एसआइटी ने बरेली पुलिस से आधिकारिक तौर पर कोई संपर्क नहीं किया है।
रिंकू कर रहा मदद, 25 लाख रुपये भी दिए
पप्पू गिरधारी का एक महिला के साथ प्रसारित हो रहे आडियो में पप्पू गिरधारी महिला से कह रहे हैं कि रिंकू उनका पूरा सहयोग करेगा। वह हर तरह से मदद कर रहा है। वह जमानत कराने में भी मदद करेगा। इसके अलावा ऑडियो में महिला की मदद के लिए 25 लाख रुपये भी देने का जिक्र है।
