जेएनएन, बरेली : जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने समीक्षा बैठक में अफसरों, विभागों को ट्विटर, फेसबुक पर सक्रिय होने के आदेश दिया था। यह सुनकर फरियादी तो सक्रिय हो गए लेकिन अफसर मंत्री का आदेश ही भूल गए। आलम यह है कि अभी तक किसी भी अफसर का अकाउंट नहीं बना, लोगों की समस्याएं सुनना तो दूर की बात है।

प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बीते 26 सितंबर को समीक्षा बैठक के दौरान अफसरों को टेक्नो फ्रेंडली होने को कहा था। नगर निगम का कोई भी ट्विटर या फेसबुक अकाउंट नहीं बना।

जनता लगा रही ट्विटर पर गुहार 

मंत्री का आदेश अखबारों में पढ़कर फरियादी ट्विटर पर सक्रिय हो गए। शहरी के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी अब प्रभारी मंत्री को ट्विटर पर जमकर शिकायतें कर रहे हैं। फिर वह बिजली का हो या स्वच्छता से जुड़े मामले। कई मामलों में प्रभारी मंत्री रिप्लाई भी करते हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं होता।

ट्वीट का जवाब नहीं दे पाए मेयर 

 शिवम शर्मा नाम के एक यूजर ने दुर्गा नगर में जलभराव, गंदगी की फोटो के साथ महापौर उमेश गौतम को ट्वीट किया। लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। शिवम ने लिखा कि सर, ये है आपके स्मार्ट सिटी की स्मार्ट सड़कें। पानी से लबालब। सबसे शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ। पार्षद कुछ नहीं करते। दस साल से यही स्थिति बनी हुई है।

सर, मैं मुंशी नगर बरेली का रहने वाला हूं। हमारे यहां कई तरह की समस्याएं हैं। गंदा पानी आता है। नगर निगम में शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। बात को बस टाल दिया जाता है। -अर्पित पांडेय

सर, 83 दिनों से लगातार शिकायत कर रहा हूं। कोई सुनवाई नहीं होती। नगर निगम में व्यापक भ्रष्टाचार है। फिर भी आपको शुक्रिया। मैं अगले दिन फिर अपनी बात रखूंगा। -मोनल अग्रवाल

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