बरेली। ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त करने की कवायद तेज हो गई है। मंडल में पीलीभीत जिला फिलहाल इस रेस में सबसे आगे है, लेकिन बरेली से सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त होने का दावा कर रही हैं।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे प्रदेश को खुले में शौच मुक्त करने का अभियान चल रहा है। जिसके तहत बरेली मंडल के चारों जिलों को सितंबर 2018 तक खुले में शौच मुक्त कराया जाना है। हालांकि, रफ्तार धीमी है। फिर भी अधिकारियों का दावा है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर काम को पूरा करा लिया जाएगा। ऐसे होता है ओडीएफ : किसी भी ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त तब माना जाता है, जब वहां के सभी ग्रामीण शौचालयों का प्रयोग कर रहे हों। कोई भी खुले में शौच न जा रहा हो। इसके बाद ग्राम पंचायत खुली बैठक करके प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजती है। वहां से सत्यापन कराया जाता है। जिले के बाद रिपोर्ट मंडल स्तर पर जाती है। वहां से सत्यापन के बाद अगर रिपोर्ट ओके होती है, तब पंचायत को ओडीएफ घोषित किया जाता है। शाहजहांपुर की स्थिति कमजोर : मंडल में शाहजहांपुर की स्थिति कमजोर है। ऐसे में डीएम अमृत त्रिपाठी ने ब्लाकों पर एक-एक करके फोकस करना शुरू किया है। इस क्रम में सबसे पहले भावलेखड़ा ब्लाक को ओडीएफ कराया जाना है। इसके लिए सभी एडीओ पंचायत व स्वच्छाग्रहियों को यहां की ग्राम पंचायतों में लगाया गया है। क्या कहते हैं अधिकारी

संबंधित डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं। इनकी मंडल स्तर से लगातार मॉनीट¨रग की जा रही है। मंडल को ओडीएफ करने का काम तय समय पर पूरा होगा।

-अभय कुमार शाही, उप निदेशक पंचायती राज बरेली

जिला - ओडीएफ ग्राम पंचायत - पें¨डग

शाहजहांपुर - 172 - 37

बरेली - 211 - 71

बदायूं - 303 - 61

पीलीभीत - 311 - 19

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस