शाहजहांपुर(जेएनएन)। अगर आप के भी ड्राइ¨वग लाइसेंस में नाम, पता आदि की गड़बड़ी है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। फी¨डग के दौरान अक्सर बाबू लापरवाही के चलते ऐसी गलतियां कर देते हैं। जिसका खमियाजा अभी तक लोगों को भुगतना पड़ता था, लेकिन अब जिस बाबू की गलती से ऐसा होगा उससे दोबारा लाइसेंस की फीस वसूली जाएगी। इससे गलती होने पर फाइन लगने के डर फीडिंग के समय बाबू ज्यादा सर्तकता से काम करेंगे। एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन 80 लर्निंग व 60 परमामेंट ड्राइ¨वग लाइसेंस के आवेदन होते हैं। लर्निंग की फीस साढ़े तीन सौ रुपये है और परमामेंट एक हजार रुपये फीस है। अब फीस आनलाइन जमा होती है और आनलाइन फार्म भरना पड़ता है। आनलाइन फार्म भरने के बाद आवेदक को स्कूटनी व कंप्यूटर पर फोटो, अंगूठा आदि निशान के लिए कार्यालय में आना पड़ता है। कंप्यूटर में नाम, पता, जन्मतीथि आदि फीड किया जाता है। डीएल में नाम, पता, जन्मतिथि आदि बदलवाने के लिए चार सौ रुपये फीस है। यदि कर्मचारी ने डीएल बनाने में कोई गल्ती कर दी तो फीस उसी के ऊपर थोप दी जाती है। पहले मना कर दिया जाता है कि दूसरा डीएल बनवाएं। कहा जाता है कि फीस जमा करे और उसके बाद बदला जाएगा। इस तरह की शिकायत आए दिन डीएल धारक करते है। कई बार लोगों की नोकझोंक तक हो चुकी है। एआरटीओ प्रशासन मनोज प्रसाद वर्मा ने कहा कि यदि डीएल बनाते समय कंप्यूटर में गलत शब्द फीड किया हैा उसका दंड बाबू को देना पड़गा। डीएल बनाते समय किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।