बरेली, जेएनएन: डीडीपुरम स्थित मेहता सर्जिकल के मालिक अजय मेहता और उनके साझेदारों पर शिकंजा कसने लगा है। दुकान सील कराने के बाद एसडीएम सदर महामारी एक्ट में एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी में है। वहीं, ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा ने प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सैनिटाइजर, सोडियम हाइपोक्लोराइड, पीपीई किट गाउन, आइसोलेशन प्रोटेक्शन किट समेत सर्जिकल आइटम की खरीद-फरोख्त की जानकारी तलब की है। इसके लिए उन्हें तीन दिन की मोहलत दी गई है।

छापेमारी के बाद मेहता सर्जिकल पर ड्रग विभाग व प्रशासन दोनों का शिकंजा कसता जा रहा है। मौके पर बगैर लाइसेंस पीपीई किट की पैकिग होती मिली थी। पीपीई किट कहां से आई, इसका जवाब मेहता सर्जिकल की तरफ से नहीं आया था। साथ ही, सर्जिकल आइटम स्टॉक में मौजूद थे, लेकिन पक्के बिल अजय मेहता नहीं दिखा सके। इसलिए औषधि विभाग ने नोटिस जारी किया। जांच आख्या को डीएम कार्यालय को सौंपा गया है।

वहीं पीपीई किट पर ओवररेटिग के मामले में प्रशासन मेहता सर्जिकल पर महामारी एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। क्योंकि मौके पर पीपीई किट में सिर्फ 300-400 रुपये लागत की सामग्री मिली थी। जबकि अंकित मूल्य 1900 रुपये था। बकौल अजय मेहता पिछले साल की रखी पीपीई किट को दोबारा पैक किया जा रहा था। जबकि पैकिग पर मैन्युफैक्चरिग अप्रैल 2021 की मिली थी। इसलिए एक पत्र औषधि विभाग से वाणिज्यकर विभाग को भी लिखा गया है कि छानबीन करवा ली जाए। कहीं वाणिज्यकर की चोरी का मामला तो नहीं है।

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महामारी एक्ट में एफआइआर दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर भेज रहा हूं। ऐसे और भी प्रतिष्ठान हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी है।

- विशुराजा, एसडीएम सदर

मेहता सर्जिकल की जांच आख्या तैयार की है। उन्हें तीन दिन का नोटिस जारी हुआ है, ताकि वह खरीद-फरोख्त का ब्योरा सहित अपना पक्ष रख सकें।

- उर्मिला वर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर

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सर्जिकल, दवा और आवश्यक वस्तुओं के नाम पर वसूली की निगरानी के लिए टीमें तैनात

बरेली, जेएनएन: सर्जिकल आइटम, दवा और आवश्यक वस्तुओं के नाम पर अधिक वसूली के मामलों पर निगरानी के लिए प्रशासन ने तीन टीमों का गठन किया है। वाणिज्यकर विभाग के अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई कि कारोबारियों के प्रतिष्ठान पर छापेमारी करके वह खरीद-बिक्री के रिकार्ड और स्टॉक का मिलानकर देखे कि क्या गड़बड़ी की जा रही है।

डीएम नितीश कुमार ने बताया कि आवश्यक वस्तु, दवा, चिकित्सकीय उपकरण और खाद्य वस्तुओं के लिए दुकानदार निर्धारित से अधिक मूल्य वसूल कर रहे हैं। कोविड चिकित्सालय भी तय दरों से अधिक वसूली कर रहे हैं। तीन टीमों का गठन किया है। सभी टीमें एडिशनल कमिश्नर वाणिज्य कर ग्रेड-1 मुक्तिनाथ शर्मा को रिपोर्ट करेंगी। एडिशनल कमिश्नर, एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय को रिपोर्ट देंगे, ताकि कार्रवाई हो सके।

टीम एक: सचिन कुमार असिस्टेंट कमिश्नर, चंद्रकांत भूषण असिस्टेंट कमिश्नर, राकेश कंचन वाणिज्य कर अधिकारी, विनोद किशोर वाणिज्य कर अधिकारी, अनिल कुमार तिवारी वाणिज्य कर अधिकारी।

टीम दो: नितिन कुमार असिस्टेंट कमिश्नर, अवनीश कुमार चौधरी असिस्टेंट कमिश्नर, हीरालाल पाल वाणिज्य कर अधिकारी, भानू प्रताप वाणिज्य कर अधिकारी, कमलकांत बेलवाल वाणिज्य कर अधिकारी।

टीम तीन: संजीव कुमार ओमर असिस्टेंट कमिश्नर, अनिल कुमार असिस्टेंट कमिश्नर, संजीव कुमार गुप्ता वाणिज्य कर अधिकारी, नितिन कुमार वाजपेयी वाणिज्य कर अधिकारी, इंद्रजीत सिंह वाणिज्य कर अधिकारी।