बरेली, जागरण संवाददाता: Monkeys Terror in Bareilly बंदरों के लगातार हो हमलों के बाद मथुरा से पहुंची टीम ने सोमवार को 31 बंदरों को पिंजरे में बंद किया। इन्हें शाहजहांपुर के जंगलों में छोड़ा जाएगा। गांव में 300 बंदरों को पकड़ने की अनमुति दी गई है। ग्राम प्रधान अफसर अहमद ने बताया कि प्रयास है कि सभी बंदर पकड़े जाएं।

बीते दिनों मासूम को पिता की गोद से छीनकर बंदरों ने छत से फेंक दिया था। उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। बंदरों ने अन्य लोगों पर भी हमला किया। बच्चों व बुजुर्गों में सबसे ज्यादा भय था। सभी मामलों को जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।

सोमवार को पिंजरा लगाकर कार्य शुरू किया गया। मथुरा से पहुंची टीम ने 31 बंदरों को पकड़कर पिंजरे में बंद किया। मीरंगज वन रेंजर संतोष कुमार ने बताया कि टीम 300 बंदरों को पकड़ने की अनुमति है। बंदरों शाहजहांपुर के जंगल में छोड़ा जाएगा।

इधर, बंदरों ने कलीम अहमद व दिलशाद पर हमला कर दिया। बता दें कि दुनका, फतेहगंज पश्चिमी और मीरगंज में बंदरों ने कई लोगों पर हमला कर घायल किया था। बीती 16 जुलाई को बंदरों ने कार्तिक को पिता निर्देश उपाध्याय की गोद से छीन कर छत से नीचे फेंक दिया था। उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। 24 जुलाई को छोटे लाल राठौर पर बंदरों ने घर में घुस कर हमला किया था। गांव आनंदपुर में भी बंदरों ने प्रेमपाल व भूपेंद्र पर हमला किया था।

इधर, आंवला और बिशारतगंज में बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। बीते दिनों रेलवे स्टेशन पर महिला और स्कूल जा रही बच्ची पर बंदरों ने हमला कर घायल कर दिया था। ग्रामीण लगातार बंदरों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने पुलिस चौकी के सामने की थी मांग

बंदरों के हमले के डर से ग्रामीण घर से बाहर जाने से डरते रहे, लेकिन 24 जुलाई को छोटे लाल राठौर पर बंदरों ने घर में घुस कर हमला किया था। बीते दिनों बंदरों के हमले में रिजवान, फैजुल अहमद, नन्हे अहमद, छेदा लाल, धर्मेंद्र, हरीश कुमार, शीतल, शारिक अहमद आदि भी घायल हुए। परमानंद गंगवार, अनिल गंगवार, हसीब अहमद, हबीब अहमद, वसीम अहमद, मोहम्मद गवस्सर, रियाजुद्दीन, शकील अहमद आदि ने पुलिस चौकी के सामने बंदर पकड़वाने की मांग की थी। इसके बाद ग्राम प्रधान ने अनुमित के लिए पत्र लिखा था।

Edited By: Mohammad Aqib Khan