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जहां रिकॉर्ड हुआ प्रियंका चोपड़ा का पहला TV इंटरव्यू, संवरेगी MJPRU की 28 साल पुरानी हाईटेक मीडिया लैब

Published: Sun, 06 Sep 2026 06:00 AM (IST)

महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की 28 साल पुरानी मीडिया लैब, जहां प्रियंका चोपड़ा का पहला टीवी इंटरव्यू रिकॉर्ड हुआ ...और पढ़ें

रुवि की मीडिया लैब। जागरण

रुवि की मीडिया लैब। जागरण

HighLights

  1. छात्रों को तकनीकी शिक्षा देने के लिए वर्ष 1998 में तत्कालीन कुलपति ने कराई थी स्थापना

  2. लंबे समय से निष्क्रिय होने से उपकरण हुए खराब, नए कुलपति ने जीर्णोद्धार की बनाई योजना

हिमांशु अग्निहोत्री, बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 28 वर्ष पुराना मीडिया सेंटर एक बार फिर नई पहचान पाने की तैयारी में है। वर्ष 1998 में स्थापित यह हाईटेक मीडिया लैब कभी आधुनिक इलेक्ट्रानिक एजुकेशनल स्टूडियो के रूप में जानी जाती थी। इसी स्टूडियो में मिस इंडिया बनने से पहले अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का पहला टीवी साक्षात्कार रिकार्ड किया गया था।

इसे विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के छात्रों ने तैयार किया था। लंबे समय से निष्क्रिय लैब को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, जहां जल्द विद्यार्थी और शिक्षक वीडियो रिकार्डिंग करते नजर आएंगे।

मीडिया सेंटर की स्थापना तत्कालीन कुलपति प्रो. मुरलीधर तिवारी और प्रति कुलपति प्रो. बीना शाह की पहल पर हुई थी। विश्वविद्यालय को इलेक्ट्रानिक एजुकेशनल लैबोरेट्री परियोजना मिली थी, जिसके तहत अत्याधुनिक स्टूडियो तैयार किया गया।

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विवि प्रशासन के अनुसार, उस समय यहां बीटाकैम कैमरे, प्रोफेशनल वीडियो रिकार्डिंग यूनिट, एडिटिंग कंसोल और प्रसारण स्तर का संपादन सेटअप लगाया गया था। यह तकनीक उस दौर में पेशेवर टीवी प्रोडक्शन में उपयोग होने वाले आधुनिक सिस्टम में गिनी जाती थी।

स्टूडियो में अंतरराष्ट्रीय स्तरीय सुविधाएं हुई करती थीं। इस स्टूडियो का उद्देश्य केवल समाचार निर्माण नहीं, बल्कि छात्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो लेक्चर, शैक्षणिक कार्यक्रम, डाक्यूमेंट्री और जनसंचार आधारित प्रोजेक्ट तैयार करना था।

कई वर्षों तक पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने यहीं कैमरा संचालन, एंकरिंग, वीडियो संपादन और प्रोडक्शन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। रिकार्डिंग के बाद उचित प्रसारण की सुविधा न मिलने व अन्य कारणों से कुछ समय बाद यह लैब सुस्त हो गई, उसके बाद दोबारा ठीक कराने का प्रभावी प्रयास भी नहीं हुआ।

महंगे उपकरण धीरे-धीरे हुए निष्प्रयोज्य

समय के साथ रखरखाव और नियमित उपयोग के अभाव में लैब की चमक फीकी पड़ गई। महंगे उपकरण धीरे-धीरे निष्प्रयोज्य हो गए और स्टूडियो लगभग बंद स्थिति में पहुंच गया।

निवर्तमान कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह ने मीडिया सेंटर को पुनर्जीवित करने का प्रयास करते हुए कुछ नए उपकरण उपलब्ध कराए, लेकिन अपेक्षित सक्रियता न मिलने से सेंटर अपनी पुरानी रफ्तार हासिल नहीं कर सका।

नए और आधुनिक रूप में तैयार करने की योजना

नवनियुक्त कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने इस ऐतिहासिक मीडिया लैब को नए सिरे से विकसित करने की योजना बनाई है। पत्रकारिता और मीडिया शिक्षा में विशेष रुचि रखने वाले कुलपति ने हाल ही में मीडिया सेंटर का निरीक्षण किया।

उन्‍होंने स्टूडियो की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन आधुनिक कैमरे, डिजिटल एडिटिंग सिस्टम, पाडकास्ट स्टूडियो और मल्टीमीडिया प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस नया मीडिया सेंटर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है।

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