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अब 'नाथ गंगा' कहलाएगी बरेली की नकटिया नदी; पुनर्जीवन के लिए बना 3-स्टेप एक्शन प्लान

Published: Fri, 04 Sep 2026 04:58 PM (GMT+05:30)

नकटिया नदी के पुनर्जीवन के लिए महापौर डॉ. उमेश गौतम की अध्यक्षता में एक अंतर-विभागीय बैठक हुई, जिसमें नदी का ...और पढ़ें

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HighLights

  1. महापौर ने कई विभागों संग की बैठक, वैज्ञानिक मैपिंग, डीपीआर निर्माण एवं परियोजना क्रियान्वयन को बनाया रोडमैप

  2. पीडब्ल्यूडी, बीडीए व अन्य विभागों के अधिकारी हुए शामिल, नगर आयुक्त ने आवश्यक सहयोग का दिया आश्वासन

जागरण संवाददाता, बरेली। नकटिया नदी के पुनर्जीवन एवं पर्यावरणीय संरक्षण को लेकर गुरुवार को महापौर डा. उमेश गौतम की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय बैठक आयोजित की गई। नदी के पुनर्जीवन की दिशा में वैज्ञानिक, व्यवस्थित एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने पर मंथन कर तीन चरणों में कार्ययोजना तैयार करन का निर्णय लिया गया।

सर्वप्रथम नाथ नगरी में होने के चलते नदी का नाम ‘नाथ गंगा’ रखने पर विचार हुआ। नकटिया नदी के सफाई तक सीमित न होकर व्यापक नदी पुनर्जीवन एवं पारिस्थितिक पुनर्स्थापना के रूप में भी करने पर जोर दिया।

तय किया गया कि चर्चा के आधार पर एक समेकित रिपोर्ट एवं एक्शन प्लान तैयार करने संग परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। साथ ही अंतर-विभागीय समन्वय, वैज्ञानिक योजना एवं परिणाम आधारित कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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महापौर डाॅ. उमेश गौतम ने बताया कि बैठक में नदी के पुनर्जीवन को लेकर पहले चरण में नकटिया नदी एवं उससे जुड़े क्षेत्रों की वैज्ञानिक मैपिंग और बेसलाइन असेसमेंट किया जाएगा।

इसके अंतर्गत नदी का प्रवाह क्षेत्र, कैचमेंट एरिया, ड्रेनेज नेटवर्क, जल प्रवाह की स्थिति, प्रदूषण के स्रोत, डिस्चार्ज प्वाइंट, अतिक्रमण, जल गुणवत्ता, मौजूदा जल संरचनाओं और अन्य पारिस्थितिक एवं हाइड्रोलॉजिकल पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।

दूसरे चरण में वैज्ञानिक मैपिंग एवं बेसलाइन सर्वेक्षण के आधार पर नकटिया नदी के पुनर्जीवन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।

तीसरे चरण में स्वीकृत डीपीआर के आधार पर परियोजना के विभिन्न कार्यों को चरणबद्ध एवं समन्वित तरीके से लागू किया जाएगा। आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद चिन्हित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा।

मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर

जल शक्ति मंत्रालय, एनआइयूए, नगर निगम, बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता नकटिया नदी के पुनर्जीवन के प्रति प्रशासनिक एवं संस्थागत प्रतिबद्धता पर बल दिया गया।

महापौर ने कहा कि नकटिया नदी का पुनर्जीवन बरेली के लिए केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि जल सुरक्षा, स्वच्छता एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अभियान है।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करने का आह्वान किया। नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने नकटिया नदी पुनर्जीवन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम की ओर से आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

इस दौरान सीईओ कैंट बोर्ड डाॅ. तनु जैन ने कहा कि नकटिया नदी पुनर्जीवन की यह पहल बरेली में नदी संरक्षण, जल संचयन, प्रदूषण नियंत्रण, पारिस्थितिक सुधार एवं दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने की उम्मीद है।

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