उत्सव का सुंदर संयोग: महानवमी पर घर आईं सात लक्ष्मी, परिवारों ने लड्डू बांटकर मनाई खुशियां
महानवमी के पावन अवसर पर बरेली के जिला महिला अस्पताल में 12 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें सात कन्याएं शामिल थीं।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
महानवमी पर बरेली में 12 बच्चों का जन्म हुआ।
इनमें से सात नवजात कन्याएं थीं, सभी स्वस्थ हैं।
बेटियों के जन्म से परिवारों में दोगुनी खुशी छाई।
जागरण संवाददाता, बरेली। महानवमी पर मंगलवार को घर-घर मां दुर्गा की पूजा हुई। नौ दुर्गा स्वरूपों के रूप में कन्याओं को पूजकर उन्हें भोजन कराया गया, उपहार दिए गए और सुख-समृद्धि की कामना की गई। इसी पावन दिन पर जिला महिला अस्पताल में भी नन्हीं किलकारियों ने खुशियों के रंग भर दिए।
यहां रात 12 बजे तक 12 बच्चों ने जन्म लिया, जिनमें सात कन्याएं थीं। जिन घरों में बेटियों ने जन्म लिया, वहां इस दिन की खुशी और भी खास हो गई। स्वजन ने लड्डू बांटकर प्रसन्नता साझा की।
मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के बीच नवजात बेटियों का दुनिया में आना मानो आस्था और जीवन के उत्सव का सुंदर संयोग बन गया। एक ओर घरों में छोटी-छोटी कन्याओं के पैर पखारकर उन्हें देवी का स्वरूप माना जा रहा था, तो दूसरी ओर सात परिवारों के आंगन में नन्हीं बेटियों के रूप में खुशियों ने दस्तक दी। उनके आने से परिवारों में उत्साह का माहौल रहा। मिठाई बांटकर लोगों ने इस खुशी को अपने करीबियों के साथ साझा किया।
स्वस्थ हैं सभी नवजात
जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को रात 12 बजे तक अस्पताल में 12 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें सात कन्याएं शामिल हैं।
सभी नवजात स्वस्थ हैं, निगरानी की जा रही है। महानवमी के दिन जन्मी इन बेटियों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बेटी का आगमन केवल परिवार में नए सदस्य का जन्म नहीं, बल्कि उम्मीदों, सपनों और नई शुरुआत का अवसर भी है।
