बरेली में किसान को गोलियों से भूनने वाले एक ही परिवार के चार लोगों को उम्रकैद, 98 हजार का लगा जुर्माना
बरेली में किसान हरिशंकर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
किसान हरिशंकर हत्याकांड में चार दोषियों को उम्रकैद की सजा।
अदालत ने 98 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, आधी राशि पत्नी को।
पारिवारिक रंजिश के चलते 2017 में हुई थी किसान की हत्या।
जागरण संवाददाता, बरेली। किसान को दिनदहाड़े गोलियों से भूनने वाले एक ही परिवार के चार आरोपितों के कोर्ट ने दोषी माना है। अपर सत्र न्यायाधीश सात कुलदीप कुमार ने फरीदपुर के सैदापुर गांव निवासी चारों दोषियों शेरपाल, राजवीर, राधेश्याम और रामबाबू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर 98 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
घटना 22 फरवरी 2017 की शाम करीब चार बजे की है। हरिशंकर उर्फ भूरे अपने खेत में पानी लगा रहे थे। उनके साथ उनकी मां ओमवती, भाई ओमप्रकाश, पत्नी शकुंतला और भतीजा महेश मौजूद थे। रंजिश के चलते गांव के ही शेरपाल, राधेश्याम, राजवीर और रामबाबू देसी तमंचे और बंदूकें लेकर वहां पहुंच गए। शेरपाल की ललकार पर राधेश्याम ने पहली गोली चलाई। इसके बाद तीनों ने भी ताबड़तोड़ फायरिंग की और हरिशंकर को गोलियों से भून दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
यह देख हरिशंकर की पत्नी शकुंतला आई तो आरोपितों ने उन्हें भी तमंचे की बट से बुरी तरह पीटा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि हरिशंकर के सिर और सीने में तीन गोलियां और 37 छर्रे धंसे थे। खोपड़ी में कई फ्रैक्चर थे और फेफड़ा फट गया था। घटना के अगले दिन पुलिस ने भागने की फिराक में खड़े राधेश्याम और रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 315 बोर और 12 बोर के तमंचे बरामद किए।
फोरेंसिक जांच में यह साबित हो गया कि यही हथियार हत्या में इस्तेमाल हुए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील राजेश्वरी गंगवार ने मृतक के भाई, मां, पत्नी और 14 वर्षीय बेटे महेश समेत 10 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। जिनमें बालक महेश का बयान खास तौर पर मार्मिक रहा। उसने बताया कि उसने अपनी आंखों के सामने पिता को गोलियों से भूनते देखा।
अदालत ने पाया कि एक साल पहले मृतक के चचेरे भाई राजेंद्र की हत्या को लेकर परिवारों के बीच गहरी रंजिश चली आ रही थी जो इस हत्याकांड का मूल कारण बनी। मामले की सुनवाई पूरी होने में करीब नौ साल लग गए। जुर्माने की आधी राशि मृतक की पत्नी शकुंतला को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। दोषी शेरपाल व राधेश्याम सगे भाई हैं, जबकि राजवीर व रामबाबू शेरपाल के पुत्र हैं।
