जागरण संवाददाता, बरेली : कड़कड़ाती ठंड में एक किसान अपने परिवार के लिए गरम कपड़े नहीं खरीद सका। एक-एक पैसा जोड़कर जो रकम इक_ा की उसे लेखपाल ने रिश्वत में ले लिया। कोर्ट के सामने यह आरोप थाना भोजीपुरा क्षेत्र के एक किसान ने तहसील सदर के लेखपाल फौजदार पर लगाया है।

आसपुर गौंटिया निवासी बारे खां का गांव के किनारे खेत है। गांव के दबंग जबरन गांव के पानी का निकास पीडि़त के खेत में करना चाहते हैं जबकि उसके खेत के किनारे कोई सरकारी नाला नहीं है। किसान ने इसकी शिकायत तहसील प्रशासन से की लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि तब पचदौरा कलां क्षेत्र पर तैनात लेखपाल ने कहा कि वह दस हजार रुपये खर्च करे तो पानी निकास का रुख बदल जाएगा, वरना वह ङ्क्षजदगी भर पछताएगा। खेत में जलभराव से फसल बर्बाद होगी। पीडि़त को डराकर लेखपाल ने पांच हजार रुपये ले लिए। बाकी रकम बाद में देने को कहा। इसके बावजूद पानी का निकास भी लेखपाल ने खेत की तरफ करा दिया। पीडि़त ने कोर्ट में गुहार लगाई कि वह कहीं का नहीं रहा। एक तरफ लेखपाल ने रिश्वत भी ले ली, दूसरी तरफ पानी के अवैध निकास से उसकी फसल बर्बाद हो रही है। उसके बच्चे जाड़े में ठिठुरने को मजबूर हैं। यह रकम उसने बच्चों के गरम कपड़ों के लिए जमा की थी। लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई करके उसकी रकम वापस दिलाई जाए, ताकि वह अपने बच्चों के लिए गरम कपड़े खरीद सके। स्पेशल भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने मामले की रिपोर्ट भोजीपुरा पुलिस से तलब की है।अगली सुनवाई नौ फरवरी को होगी। लेखपाल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मौके पर जाकर भी दिखवाया जा रहा कि वहां पानी का बहाव किस तरफ है।

Edited By: Ravi Mishra