जेएनएन, बरेली : दैनिक जागरण संस्कारशाला का आयोजन बुधवार को राधा माधव पब्लिक स्कूल में किया गया। यहां बच्चों को कहानी सुनाकर शिक्षक का महत्व समझाकर उनके सम्मान का सलीका सिखाया गया। बच्चों ने भी शिक्षकों की डांट का बुरा नहीं मानकर हमेशा उनका सम्मान करने की बात कही।

दैनिक जागरण की टीम स्कूल में सुबह सात बजे पहुंची। यहां सबसे पहले सुबह 7.25 बजे मॉर्निग असेंबली हुई। मार्निंग असेंबली के बाद बच्चों को संस्कारशाला और इसके बदले स्वरूप के बारे में बताया। बच्चों को बताया गया कि इस बार संस्कारशाला में कोई प्रश्नोत्तर नहीं होंगे और न ही कोई परीक्षा होगी, बल्कि इस बार कहानी सुनाकर, वाद विवाद प्रतियोगिता और डिजिटल माध्यम से संस्कारों के बारे में बताया जाएगा। कोशिश है कि इस बार व्यवहारिक तरीके से संस्कार सिखाए और बताए जाए, जिससे संस्कार उनके मनोमस्तिष्क में गहरे तक बैठ सकें। फिर दैनिक जागरण टीम की स्टोरी रीडर रुपाली सक्सेना ने बच्चों को दैनिक जागरण में छपी कहानी पढ़कर सुनाई। फिर स्टोरी रीडर ने बच्चों को पूरी कहानी का सार भी समझाया। उन्होंने कहा कि स्कूल में अक्सर ही बच्चे गलती करते हैं, जिसके लिए शिक्षक उन्हें डांटते भी हैं और कई बार सजा भी देते हैं। डांटते समय शिक्षक का उद्देश्य बच्चे का भविष्य संवारना होता है, उन्हें जलील करना नहीं होता है। यह बात बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी समझनी होगी, जिससे उनके बच्चों का भविष्य बेहतर बन सके, इसलिये शिक्षकों की डांट का कभी बुरा नहीं मानें और न ही उनके प्रति सम्मान में कोई कमी लाए। शिक्षक ही बच्चों का भविष्य संवारकर बेहतर राष्ट्र का निर्माण करते हैं। बच्चों ने भी कहानी के अर्थ को अच्छे समझा और हमेशा शिक्षकों का सम्मान करने की बात कही।

संस्कारशाला में बच्चों को संस्कार देने का काम शिक्षकों का है, लेकिन दैनिक जागरण संस्कारशाला के माध्यम से इस काम में भी पिछले कुछ वर्षो से सराहनीय पहल कर रहा है। फिर इस बार बच्चों को संस्कार सीधे बताने की जगह कहानी या किसी अन्य तर्क से समझाकर बताए जा रहे हैं। यह किसी भी बात को समझाने का सबसे बेहतर तरीका है। इस तरीके से समझाई गई चीजें लंबे समय तक याद रहती है।

आरसी धस्माना, प्रिंसिपल, राधा माधव पब्लिक स्कूल

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