जेएनएन, बरेली : तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में कोटा एजुकेशन हब कहा जाता है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नीट, आइआइटी की तैयारी के लिए वहां जाते हैं। इस बार भी बरेली के छात्र-छात्राएं वहां तैयारी कर रहे थे। कोर्स खत्म हो चुका था। रिवीजन के लिए टेस्ट चल रहे थे। लेकिन अचानक मार्च के अंत में कोविड-19 की वजह से लॉकडाउन ने सारी तैयारी बिगाड़ दी। छात्र-छात्राओं को हॉस्टल में ही कैद होकर रहना पड़ गया। करीब एक महीने बाद जैसे-तैसे प्रशासन की मदद से छात्र-छात्राएं यहां पहुंचे। अब सभी अपने-अपने घरों में रहकर सेल्फ स्टडी के आधार पर तैयारी में जुटे हैं। कोई दिक्कत होती है तो गुरुजी से सोशल मीडिया के जरिये जवाब हासिल कर रहे। दैनिक जागरण से बातचीत में उन्होंने तैयारी साझा की। पिछले साल नीट की तैयारी के लिए कोटा गई थी। कोर्स के बाद टेस्ट शुरू हो गए। फिर लॉकडाउन से दिक्कत खड़ी हो गई। अब घर आ गई हूं। यहीं पर सेल्फ स्टडी कर रही हूं। कोई दिक्कत होती है तो कोचिग के शिक्षकों से वाट्सएप पर क्लीयर कर लेती हूं।

नीतिका प्रभाकर, सेटेलाइट कोटा इसलिए गए थे ताकि अच्छे से हम अपनी तैयारी कर रहे थे। कोर्स खत्म करने के बाद रिवीजन चल रहा था। कोरोना की वजह से समस्या आई। अब घर आ गए। यहीं तैयारी कर रहा हूं। लेकिन जो माहौल होता हे, वह नहीं बन पा रहा।

मुसीदुर्रहमान, नवाबगंज नीट अच्छे नंबर से क्लीयर करने के लिए हम कोटा में तैयारी कर रहे थे। कोचिग में टेस्ट चल रहे थे। लॉकडाउन में सब बंद हो गया। 15 मार्च से 17 अप्रैल तक हॉस्टल में ही रहा। 18 अप्रैल को घर वापस आया। अब अलग कमरे में बैठकर सेल्फ स्टडी कर रहा हूं।

अर्जुन जायसवाल, फरीदपुर जुलाई 2019 में आइआइटी की तैयारी के लिए कोटा गया था। लॉकडाउन से दिक्कतें हुई। अब तो घर आकर सेल्फ स्टडी कर रहा हूं। कोई दिक्कत होती है तो शिक्षकों से वीडियो कॉल या वाट्सएप के जरिए सवालों का जवाब हासिल कर लेता हूं।

निकुंज, बरेली

Posted By: Jagran

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