जेएनएन, बरेली : लोकसभा चुनाव के दौरान वित्तीय अनियमितता पकड़े जाने पर निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक देवेंद्र शर्मा को डीएम ने निलंबित कर दिया। उन्हें पीलीभीत जिला निर्वाचन कार्यालय से संबंद्ध किया है। उन पर लगे आरोपों की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय को सौंपी है।

देवेंद्र शर्मा के पास चुनाव में सरकारी व्यय व भुगतान का दायित्व था। पहले के चुनावों में भी उनके पास ही यह दायित्व था। इस बार कई वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया था कि भुगतान के लिए आए सरकारी रकम में से कुछ पैसा अपने खाते में ट्रांसफर कर दिया था। इसके साथ जिन लोगों को भुगतान होना था, उन्हें रकम नहीं मिली। निर्वाचन कार्यालय के तीन कमरों में रद्दी जमा थी। उसे भी ठिकाने लगा दिया।

आरोप यह भी हैं कि उन्होंने ईवीएम उठाने के लिए ठेकेदार के कर्मचारियों का इस्तेमाल किया और इसके लिए आए पैसे अपने खाते में डलवा लिए। डीएम ने संज्ञान लेते हुए चार्ज कनिष्ठ सहायक को दे दिया। डीएम के आदेश के बावजूद सभी फाइल कनिष्ठ सहायक को नहीं दीं थीं। तब एडीएम प्रशासन ने नोटिस देकर जवाब तलब किया था। इसके बाद से ही कार्रवाई तय मानी जा रही थी। पहले उनका आंवला ट्रांसफर किया गया। निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजी गई। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ यह भी कहा गया है कि वरिष्ठ सहायक के विरुद्ध साक्ष्यों सहित आरोप पत्र तैयार कराकर 15 दिनों के अंदर इस कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए।

तहसीलदार ने तीन बीएलओ को किया निलंबित

सदर तहसील के तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने तीन बीएलओ को कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है। इन बीएलओ के नाम चमन सिंह, संजय कुमार और श्याम सुंदर गुप्ता हैं। इनके बारे में इनके सुपरवाइजर राकेश चंद्र सक्सेना ने रिपोर्ट दी थी कि यह लोग अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। तीन का वेतन रोकने की भी संस्तुति की गई है।

Posted By: Abhishek Pandey

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