जेएनएन, बरेली : बरेली कॉलेज के स्पो‌र्ट्स विभाग में भ्रष्टाचार का खेल दबाने की कोशिश को बुधवार को तगड़ा झटका लगा है। समिति की बैठक में आठ फरवरी से बैडमिंटन, वॉलीबाल और क्रिकेट प्रतियोगिताएं कराने का प्रस्ताव रखा गया।

प्रोफेसरों ने सिर्फ इसे खारिज किया बल्कि सवाल उठाए कि परीक्षा के समय खेल कराने की कैसी सूझी? 25 फरवरी से रुविवि की परीक्षा है। 17 दिन पहले विद्यार्थी खेलेंगे या परीक्षा की तैयारी करेंगे।

बुधवार को बरेली कॉलेज में क्रीड़ा समिति की बैठक हुई। आठ फरवरी से टूर्नामेंट कराने का एजेंडा ऐन वक्त पर बना था। बैठक बुलाने की मंशा कुछ और थी। इसमें क्राइम ब्रांच की जांच से पहले पुराने मामलों को सुलझाने की कवायद होनी थी।

क्राइम ब्रांच से बचने का था तोड़

क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की जांच में खेल में बड़ा घोटाला सामने आ चुका है। क्रीड़ा समिति के एक सदस्य के मुताबिक, यह बैठक इस मंशा से बुलाई गई थी कि इसमें पुराने मामले पास कराए जा सकें। बुधवार को बैठक की मंशा अखबारों की सुर्खियां बन गई। इसलिए ऐन वक्त पर एजेंडा बदल दिया गया।

कैसे ट्रांसफर होता रहा फंड

समिति में यह मुद्दा उठा कि खेल विभाग का बजट बिल्डिंग समिति आदि मदों में कैसे ट्रांसफर होता रहा। प्रतियोगिता आयोजन के कुछ पुराने बजट भी पास नहीं हुए। इस पर सदस्यों ने सवाल उठाए कि अभी प्रतियोगिता कैसी हुई। टीम भेजने, मैदान के रख-रखाव पर पैसा कैसे खर्च किया जाता रहा।

क्राइम ब्रांच की जांच से सजग शिक्षक

क्रीड़ा समिति में कुछ नए शिक्षक भी सदस्य बनाए गए हैं। इन शिक्षकों ने समिति के कार्यो पर सवाल उठाए। एक सदस्य ने कहा कि समिति की बैठक में सदस्यों के बराबर ही छात्र भी मौजूद होने चाहिए। ऐसा नियम भी है। पर छात्र नहीं बुलाए गए।

Posted By: Jagran

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