बरेली, जेएनएन। एक तरफ चीन को टक्कर देने के लिए हमारी सेना के जवान भारत-चीन बॉर्डर पर मोर्चा संभाले हैं। दूसरी ओर बरेली जाट रेजीमेट सेटर (जेआरसी) के सूबेदार संदीप कुमार पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ाने के लिए दिन-रात मैदान में पसीना बहा रहे। वह रेसवॉकर हैं। ओलंपिक के क्वालिफाइंग टूर्नामेट को पार करने वाले देश के तीन खिलाड़ियों में शामिल हैं।

अब वर्ष 2021 में टोक्यो (जापान) में होने वाले ओलंपिक की तैयारी में जुटे हैं। वह 20 किलोमीटर की रेसवॉक की तैयारी कर रहे। पुणे स्थित आर्मी स्पो‌र्ट्स सेटर उनका जहान हैं और ओलंपिक में मेडल हर रात का सपना। सुबह उठते ही इस सपने को सच करने की जिद्दोजहद में जुट जाते और रात तक खुद को ख्वाब पूरा करने लायक बनाते हैं। ताकि टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए सोने का तमगा हासिल कर सकें।

रियो ओलंपिक में ले चुके हिस्सा रेसवॉकर संदीप कुमार देश और सेना की ओर से बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके। बीजिंग में वर्ष 2015 में हुई व‌र्ल्ड चैंपियनशिप और फिर वर्ष 2016 में रियो ओलंपिक में 50 किलो मीटर रेसवॉक कर चुके। वह 35वें स्थान पर थे। हालांकि इससे पहले उनका एशियन और इंटरनेशनल चैंपियनशिप में रिकॉर्ड बेहतर था।

हारी बाजी इस बार जीतने को दोहरी मेहनत रियो ओलंपिक में देश के लिए कोई पदक हासिल न कर पाने की कसक अभी भी संदीप के दिल में है। हालांकि जाट रेजीमेट सेटर में कोच नत्थू राम बताते हैं कि इस बार के बाद संदीप टूटे नहीं। उन्होंने कुछ दिन बाद ही रियो ओलंपिक के लिए तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद से लगातार उनका रिकॉर्ड सुधरा है। फोन पर बातचीत में संदीप खुद कहते हैं कि वह एक किसान, एक फौजी और एक खिलाड़ी हैं। हारी बाजी से हारेंगे नहीं बल्कि इस बार जीतने के लिए और मजबूती से तैयार होंगे।

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