जागरण संवाददाता, बरेली : बिशारतगंज नगर पंचायत सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में घिर गई है। नगर पंचायत में पिछले एक वित्तीय वर्ष के दौरान हुई खरीद और कामों में गोलमाल के मामले में मंडलायुक्त ने विदेश रवानगी से पहले ही जांच बिठा दी। पूरे प्रकरण की जांच संयुक्त विकास आयुक्त को सौंपी है। जेडीसी (संयुक्त विकास आयुक्त)कार्यालय में प्राविधिक परीक्षक अजय कौशिक ने पंचायत के अधिशासी अधिकारी से वर्ष 2017-18 के दौरान हुए काम, खरीद प्रक्रिया की फाइलें तलब कर ली हैं। पंचायत में अध्यक्ष और ईओ के बीच पहले से ही टकराव चल रहा है।

बिशारतगंज नगर पंचायत आंवला तहसील में आती है। पिछले साल जुलाई से पंचायत में स्थाई अधिशासी अधिकारी नहीं हैं। प्रशासन ने प्रभारी के तौर पर आंवला नगर पालिका के ईओ राजेश कुमार सक्सेना को अतिरिक्त कार्यभार दिया है। नवंबर में चुनाव के बाद से नगर पंचायत का नेतृत्व बदल गया है। सत्ता बदलने के बाद कुछ लोगों ने पिछले वित्तीय वर्ष में पंचायत में हुई खरीद में सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता के आरोपों के साथ मंडलायुक्त से शिकायत की थी। मंडलायुक्त डॉ. पीवी जगनमोहन के निर्देश पर अब जांच शुरू हो गई। ईओ से तलब किए यह रिकॉर्ड

-2017-18 में खरीदी गई एलईडी, सीएफएल, सोलर लाइट से संबंधित मूल पत्रावली, स्टॉक रजिस्टर

-2017-18 में खरीदी गई कीटनाशक दवाइयों से संबंधित मूल पत्रावली व अन्य दस्तावेज

-कार्यालय रंगाई, पुताई, चैनल लगाने आदि की फाइल

-पंचायत क्षेत्र में विकसित तालकटोरा की दीवार निर्माण की फाइल, एस्टीमेट, माप पुस्तिका आदि

-2017-18 के वित्तीय वर्ष में कूड़ेदान, सचल मूत्रालय, बैट्री चालित रिक्शा खरीद से संबंधित सभी दस्तावेज व फाइल मंडलायुक्त के स्तर से जांच के निर्देश मिले हैं। टीएसी के जरिए जांच कराई जाएगी। इसके लिए पंचायत से पत्रावलियां मंगाई हैं। तकनीकी और वित्तीय आधार पर रिकॉर्ड पड़ताल के बाद ही कोई निष्कर्ष निकलेगा।

-श्रीकृष्ण त्रिपाठी, संयुक्त विकास आयुक्त

Posted By: Jagran

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