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'योग को धर्म से जोड़ना अज्ञानता और नासमझी', मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बरेली में किया योग

Published: Sun, 21 Jun 2026 12:06 PM (IST)Updated: Sun, 21 Jun 2026 12:07 PM (IST)

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग किया और कहा कि ...और पढ़ें

योग के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेली व अन्य।

योग के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेली व अन्य।

HighLights

  1. मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग किया

  2. योग को सेहत के लिए बताया, धर्म से इसका संबंध नहीं

  3. सूफियों की प्राचीन योग परंपरा का भी उल्लेख किया

जागरण संवाददाता, बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेली ने आज रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ग्रैंड मुफ्ती हाउस में योग किया। 

मौलाना ने इस बात पर जोर देकर कहा कि योग सेहत को अच्छा और बेहतर करने के लिए एक बहुत बेहतरीन माध्यम है और यह परंपरा बड़ी पुरानी है। सदियों पहले सूफी अपनी दरगाहों पर सबसे पहले किसी व्यक्ति को मुरीद करने से पहले योग कराते थे। योग रूहानी तौर व तरीकों से कराया जाता था, जिसमें हाथ पैर की वर्जिश के साथ ही दिल और दिमाग की सफाई भी होती थी।

Shahabuddin Razvi small

योग के दौरान शहाबुद्दीन रजवी।

कुछ नामसझ लोगों ने धर्म से जोड़ दिया 

शहाबुद्दीन रजवी बरेली ने कहा, आज के कुछ नासमझ लोगों ने योग को धर्म के साथ जोड़ दिया है, जबकि योग का किसी भी धर्म से कोई संबंध नहीं है। जो लोग योग को किसी खास धर्म के साथ जोड़ते हैं वह अज्ञानी और नासमझ है, उनको चाहिए कि सूफियों के सिलसिले को और उनकी रूहानियत को किताबों से समझे। उनके इतिहास पर गहराई के साथ नजर रखें तो हर चीज स्पष्ट हो जाएगी। इस मौके पर अब्दुल अजीज और साहिल रजा अंसारी मौजूद रहे।

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