बरेली, जेएनएन। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डा. प्रवीण तोगड़िया ने केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक किसान को उपज का पूरा मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक वह कर्जमुक्त नहीं होगा। अफगानिस्तान को केंद्र सरकार की ओर से दी गई मदद की आलोचना करते हुए कहा कि जो किसान आंदोलन में बलिदान हुए उन्हें एक-एक करोड़ रुपये की मदद दी जाए। 

शुक्रवार दोपहर पीलीभीत के पूरनपुर से पुवायां पहुंचे तोगड़िया का बंडा पूरनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। यहां मीडिया से बातचीत में तोगड़िया ने कहा कि उनके संगठन का लक्ष्य है अब तो हिंदू ही आगे। सुरक्षित हिंदू, समृद्ध हिंदू, सम्मानयुक्त हिंदू। यह तभी होगा जब सस्ती शिक्षा, सस्ता स्वास्थ्य, युवाओं को रोजगार कर्ज मुक्त किसान होगा, लेकिन इस देश में किसानों को फसल का पूरा दाम नहीं मिल रहा।

पिछले दस साल में किसानों को फसल का दाम न मिलने के कारण देश के किसानों को 42 लाख करोड़ रुपया कम मिला। किसानों पर 17 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। जब तक किसानों को फसल के पूरे दाम नहीं मिलेंगे तब तक वे कर्जमुक्त नहीं होंगे। किसान भीख नहीं मांग रहे। अपनी मेहनत का मोल मांग रहे। इसलिए उनकी भी मांग है कि सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानून बनाना चाहिए।

फसल के दाम नहीं मिलना, कम दाम में उपज खरीदना किसानों के घर पर डकैती की तरह है। यह रोकने की जिम्मेदरी सरकार की है। उसे इसे निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की सरकार को केंद्र सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपया दिया है। सरकार बताए कि क्या वह भारत के बेटे हैं, क्या हमारे देश की रक्षा करते हैं। अगर अफगानिस्तान को पांच हजार करोड़ रुपये दिए तो उनकी मांग है तो कृषि आंदोलन में मरे किसानों को भी एक-एक करोड़ रुपया देना चाहिए।

सरकार को बताना होगा कि वह अफगान को प्यार करती है या किसानों को। डा. प्रवीण तोगड़िया शाहजहांपुर के खिरनीबाग में भी मीडिया से बात करेंगे। चार बजे जलालाबाद के एक मैरिज लान में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। रात्रि विश्राम के बाद शनिवार को जरियनपुर से कलान होते हुए बदायूं जाएंगे।  

Edited By: Ravi Mishra