जेएनएन, बरेली : प्रभारी मंत्री के निर्देशों का असर दिखने लगा है। डीएम नितीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट में एक बैठक हुई। इसमें विधायकों के साथ निर्माण इकाइयों के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। बैठक में विधायकों ने कई सड़कों के साल भर में ही खराब हो जाने की शिकायत की। इस पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।

बैठक में विधायक बहोरन लाल मौर्य ने शेरगढ़-मोइनुद्दीन मार्ग और शरीफ नगर-अटागंज मार्ग का मामला उठाया तो डीएम बोले जांच कराएंगे। इसके साथ उन्होंने मयूर चेतना वन के पास मोड़ का मामला उठाया तो पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कहा कि वन विभाग को पेड़ काटे जाने के लिए लिखा गया है। इस पर विधायक ने कहा कि पेड़ तो अभी तक नहीं कटे। इस पर डीएम ने दो दिन में मोड़ पर सुधार के निर्देश दिए हैं। विधायक ने किला नदी पर डब्बा पुल बनाने का प्रस्ताव भी डीएम को दिया।

बैठक में बहेड़ी के विधायक छत्रपाल गंगवार ने मंडी और गन्ना विभाग की कई सड़कों को लेकर शिकायत की। उन्होंने कहा कि यह सड़कें एक साल बाद ही खराब हो गई हैं। इस पर डीएम ने सड़कों की जांच करके संबधित अधिकारियों से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ कुछ सड़कों ऐसी थी जिन्हे अधिकारी कह रहे थे कि उनका निर्माण हो गया है लेकिन विधायक ने इससे इंकार किया। इस पर डीएम ने अधिकारियों से विधायक के साथ मिलकर उनका मौके पर निरीक्षण करने को कहा है।

विधायक ने रिछा-पीलीभीत मार्ग पर कुढ़रा कोठी के पास एक्सीडेंट प्वाइंट कहे जाने वाले रास्ते का चौड़ीकरण करने को भी कहा। बैठक में 2018 और 2020 में बनाई गई सड़कों की समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि जो भी निर्माण कार्य पूर्ण हो गए है। उनके रखरखाव की जिम्मेदारी गारंटी अवधि तक सुरक्षित रखने की है। उन्होंने कहा कि दो वर्षो में बनी सड़कों की गुणवत्ता जांची जाए।

सड़क निर्माण अगर अपने संसाधनों से नहीं कर सकते हैं तो इसकी सूचना संबधित विधायक को दें। डीएम को विधायकों ने अपने अपने क्षेत्र से संबधित सड़कों की सूची और प्रस्ताव भी दिए। बैठक में विधायक अरुण कुमार, विधायक श्यामबिहारी, विधायक पप्पू भरतौल, विधायक डीसी वर्मा के साथ सीडीओ और दूसरे अधिकारी मौजूद रहे।

Posted By: Abhishek Pandey

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