IAS ED Raid: KPSC पेपर लीक मामले में IAS ज्ञानेंद्र गंगवार के घर ED की दिनभर रेड, देर रात बैग भरकर ले गई अहम दस्तावेज
ईडी ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग के पेपर लीक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के शक में आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ...और पढ़ें

ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार
HighLights
कर्नाटक लोक सेवा आयोग में परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार
पेपर लीक प्रकरण की जांच के सिलसिले में कर्नाटक में भी ईडी कर चुकी है छापेमारी
जागरण संवाददाता, बरेली। मनी लांड्रिंग के शक में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को आइएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के हिमकरपुर चमरौआ गांव स्थित पैतृक घर पर छापेमारी की। दिल्ली से पहुंची ईडी की टीम ने सुबह करीब आठ बजे से देर रात तक घर में जांच-पड़ताल और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की। देर रात टीम छापेमारी पूरी कर वापस लौट गई।
बताया जा रहा है कि टीम अपने साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी ले गई है। हालांकि, ईडी की ओर से कार्रवाई को लेकर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार वर्ष 2016 बैच के आइएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में कर्नाटक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के निदेशक हैं। वह पूर्व में कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं। मार्च में उन्हें आयोग से हटाकर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में भेजा गया था।
कर्नाटक लोक सेवा आयोग ने जनवरी में पशु चिकित्साधिकारी पद के लिए परीक्षा कराई थी। परीक्षा में पेपर लीक और ओएमआर शीट में छेड़छाड़ के आरोप सामने आने के बाद विभिन्न एजेंसियों ने जांच शुरू की। भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग की आशंका के चलते ईडी भी मामले में सुराग तलाश रही है।
पिछले सप्ताह कर्नाटक में लोक सेवा आयोग के अधिकारियों के घरों और कार्यालयों पर ईडी की छापेमारी हुई थी। इसी बीच 20 अगस्त को केपीएससी के पूर्व परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के अचानक लापता होने की जानकारी सामने आई थी। उनका मोबाइल भी बंद था।
शनिवार को कर्नाटक सरकार की ओर से बताया गया कि ज्ञानेंद्र हस्तलिखित अवकाश आवेदन देकर अपने पैतृक घर गए हैं। उनके पिता को हृदय संबंधी समस्या होने की बात भी सामने आई थी। उनकी अंतिम लोकेशन कर्नाटक से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने की मिली थी।
रविवार सुबह ईडी की टीम उनके पैतृक घर पहुंची और पूरे दिन कार्रवाई चलती रही। घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात रही और किसी को अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। स्थानीय पुलिस के मुताबिक ईडी अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए फोर्स मांगी थी। पुलिस लाइंस से सात पुरुष और तीन महिला सिपाही उपलब्ध कराए गए थे।
घर में केवल पिता और महिलाएं और कोई नहीं
बताया जा रहा है कि जिस वक्त छापेमारी शुरू हुई उस वक्त घर में ज्ञानेंद्र के पिता और कुछ महिलाएं घर में थी। पिता बीमार चल रहे हैं, जबकि दोनों बड़े भाई दिल्ली गए हुए थे।
