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बरेली IVRI में खुलेगी हाई-टेक लैब: अब आम आदमी भी करा सकेगा दूध-पनीर की शुद्धता की जांच!

Published: Mon, 23 Mar 2026 04:50 PM (IST)

बरेली के आइवीआरआइ में मंडल की पहली हाई-टेक खाद्य गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। यह लैब दूध, ...और पढ़ें

आईवीआरआई

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जागरण संवाददाता, बरेली। खाद्य पदार्थों में मिलावट कर आमजन के जीवन से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं। इसके लिए बरेली के आइवीआरआइ में मंडल की पहली क्वालिटी कंट्रोल लैब स्थापित की जा रही है। इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूर्ण की जा रही हैं।

पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी (एलपीटी) विभाग के अधीन तैयार हो रही प्रयोगशाला में दूध में पानी, यूरिया, सोडियम बायकोर्बोनेट व अन्य खाद्य उत्पादों (मीट, मांस) की भी जांच की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों ने सर्वे कर 40 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।

एलपीटी विभाग प्रभारी डा. अरुप रतन सेन ने कहा, संस्थान परिसर की डेयरी में प्रतिदिन दो हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है। इसका दही और पनीर बनाने के साथ अन्य उत्पाद बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, संस्थान में सत्र 2025-26 से बीटेक इन डेयरी टेक्नोलाजी पाठ्यक्रम की शुरुआत भी की गई है।

ऐसे में वहां के विद्यार्थी भी प्रस्तावित आधुनिक प्रयोगशाला में प्रयोगात्मक शिक्षा भी हासिल कर सकेंगे। एक मार्च को डेयरी तकनीक विशेषज्ञ की भी संस्थान में नियुक्ति हो चुकी है। यहां आगे चलकर देशभर से आने वाले सैंपल की भी जांच करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए संसाधन व अन्य जरूरतों को लेकर प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।

आम आदमी भी करवा सकेगा उत्पाद की जांच

मंडल की पहली प्रयोगशाला स्थापित होने से मिलावटखोरी पर लगाम लगाने में जिला प्रशासन को भी सहायता मिल सकेगी। वर्तमान में खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए झांसी, लखनऊ व अन्य जिलों में भेजा जाता है।

डाॅ. अरुप बताते हैं कि प्रयोगशाला को धीरे-धीरे विस्तार दिया जाएगा। यहां पर्ची कटाने के बाद आम आदमी भी निर्धारित शुल्क देकर प्रयोगशाला में खाद्य उत्पाद की जांच करवा सकेंगे।


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