यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बरेली में पुरानी रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या, फैली सनसनी
History Sheeter Murder in Bareilly पुरानी रंजिश में शुक्रवार रात सरेराह हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपितों ...और पढ़ें

बरेली, जेएनएन। History Sheeter Murder in Bareilly : पुरानी रंजिश में शुक्रवार रात सरेराह हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपितों ने युवक को दो गोलियां मारी, एक गोली उनके सीने तथा दूसरी सीने के नीचे पेट पर लगी। मौके पर ही युवक ने दम तोड़ दिया। इधर, गोलियों की आवाज सुनकर जब भीड़ दौड़ी तो आरोपितों ने हवाई फायर झोंकते हुए लोगाें को धमकाया। हत्या के बाद दो आरोपित विक्रांत व चरण सिंह खुद थाने पहुंच गए। जहां पुलिस उनसे पूछताछ में जुटी है। उधर मृतक के बेटे की तहरीर पर गांव के ही चार आरोपितों के खिलाफ पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। फिलहाल दो आरोपित फरार हैं।
ग्राम नवादा बेलसंडी निवासी चरण सिंह यादव पत्नी शकुंतला व साले के साथ गांव के ही मान सिंह यादव के कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। मान सिंह ने बेटे की फौज में नौकरी लगने पर पूरे देवी मंदिर पर भंडारा था। मंदिर गांव के ठीक बाहर स्थित है। चरण सिंह भंडारे में पहुंचते इससे पहले ही बीच रास्ते में आरोपित राजेश खन्ना, अनिल, चरण व विक्रांत घात लगाए बैठे थे। देखते ही आरोपितों ने चरण सिंह यादव को रोक लिया और विवाद शुरू कर दिया।
पत्नी व साले ने बीच-बचाव किया तो आरोपितों ने तमंचे निकाले और चरण सिंह पर दो गोलियां दाग दीं। लहूलुहान चरण तुरंत ही गिर पड़े। पत्नी व साला चीखने चिल्लाने लगा। इस पर आरोपितों ने दोनों को भी मार डालने की धमकी दी। जान की दुहाई देने पर छोड़ा। चरण सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा कि मृतक को कितनी गोली मारी गई हैं।
सात महीने पहले ही जमानत पर छूटा था मृतक
पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2003 में मृतक चरण सिंह यादव गांव के ही महेंद्र यादव की हत्या में जेल गए थे। करीब सात महीने पहले ही वह जमानत पर छूटकर आए थे। चरण सिंह के खिलाफ हत्या, चोरी, मारपीट समेत कई गंभीर अपराधों के 11 मुकदमे दर्ज हैं। मृतक फरीदपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर भी था।
फरीदपुर पुलिस चेतती तो न जाती जान
स्वजन के मुताबिक, चरण सिंह यादव के जमानत पर बाहर आने के बाद से आरोपित धमका रहे थे। जान से मारने की धमकी दे रहे थे। फरीदपुर पुलिस को मामले की जानकारी भी दी गई लेकिन, पुलिस ने आरोपितों पर कोई कार्रवाई नहीं की। कहा कि यदि आरोपितों पर पहले कार्रवाई होती तो पति जिंदा होते।
प्रथम दृष्ट्या रंजिश में हत्या की बात सामने आई है। मृतक के खिलाफ थाने में 11 मुकदमे दर्ज थे, वह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी था। दो आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।- रोहित सिंह सजवाण, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
