बरेली, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। इस पर शासनादेश के बाद स्थानीय स्तर पर अमल शुरू हो गया है। प्रशासन ने 13 उत्पाद चिह्नित किए हैं। जिनको बढ़ावा देने के लिए जमीन तैयार की जा रही। डेयरी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ) से अनुबंध किया जा चुका।

आइवीआरआइ डेयरी कारोबार करने वालों को ज्यादा दूध देने वाली नस्ल की गाय उपलब्ध कराएगा। वहीं, प्रशासन इन उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने में मदद करेगा। दूध उत्पादन करने वालों का पराग डेयरी से करार करवाया जाएगा। बाद में समूहों और व्यक्तिगत काम करने वालों को खुद उत्पाद की ब्रांडिंग करनी होगी। जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके और रोजगार का सृजन हो सके। विभाग की कोशिश है कि लोग छोटे-छोटे उद्यम शुरू करें।

कैंप लगाकर ट्रेनिंग, लोन भी दिलाया जाएगा

चिह्नित 13 ट्रेडों में आचार बनाना, शहद उत्पादन, डिटर्जेंट बनाना, क्रॉकरी का काम, एलईडी बल्व, मोमबत्ती और अगरबत्ती का काम, नर्सरी की खेती, डेयरी कारोबार शामिल हैं। इनसे जुड़े उद्यम को जो स्वयं सहायता समूह शुरू करना चाहते हैं उनके लिए हर ब्लाक में कैंप लगाकर ट्रेनिंग देकर लोन दिलाया जाएगा। जिला विज्ञान केंद्र से अनुबंध भी हुआ है। नर्सरी का काम करने वालों के पौधों की खरीद भी प्रशासन करेगा।

ज्यादा से ज्यादा उद्यमी तैयार हों और रोजगार सृजन हों। इसके लिए योजना तैयार की गई है। जल्द ही यह धरातल पर दिखेगी।- चंद्र मोहन गर्ग, सीडीओ 

Posted By: Ravi Mishra

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