बरेली, जेएनएन। Girls Student Uncomfortable in Pilibhit Mahila College : शहर में महिला महाविद्यालय में पूरा स्टाफ पुरुष ही हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान के विरुद्ध बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा की ओर से दुष्कर्म सहित गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज कराने के सनसनीखेज मामले के बाद कालेज में पुरुष स्टाफ की तैनाती का मुद्दा सरगर्म हो रहा है। हालांकि मंगलवार को पहुंचीं क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डॉ. संध्या रानी ने महिला स्टाफ नियुक्त किए जाने के बारे में शासन को पत्र भेजने की बात कही है।

शहर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से वर्ष 1996 में बड़े प्रयासों से महिला महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। शहर के प्रतिष्ठित भसीन परिवार की ओर से महाविद्यालय की स्थापना के लिए बेशकीमती भूमि को दान में दिया गया। महाविद्यालय में मौजूदा समय बीएससी, एमएससी, बीकाम तथा एमकाम की कक्षाएं संचालित हैं। महाविद्यालय में नौ प्राध्यापकों के स्थान पर कार्यवाहक प्राचार्य सहित सिर्फ छह प्राध्यापक ही हैंं।

इसी तरह तृतीय श्रेणी के आठ कर्मचारियों के स्थान पर तीन कर्मचारी ही तैनात हैं। इतना ही नहीं चतुर्थ श्रेणी के छह के स्थान पर एक ही कर्मचारी तैनात हैं। हैरानी की बात यही है कि महिला महाविद्यालय में पूरा स्टाफ पुरुष है। जाहिर है कि छात्राओं को तमाम मामलों में पुरुष स्टाफ की वजह से भी असहज करने वाली परिस्थितियों को सामना करना पड़ रहा होगा।

मंगलवार को घटनाक्रम की जानकारी लेने पहुंचीं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. संध्या रानी ने भी महाविद्यालय में सिर्फ पुरुष स्टाफ की तैनाती होने पर हैरानी जताई। क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी ने महिला स्टाफ को नियुक्त किए जाने के लिए शासन को पत्र भेजने का आश्वासन दिया। जिससे महाविद्यालय में जल्द ही महिला स्टाफ की तैनाती की संभावना है। हालांकि महाविद्यालय में पूर्व में भी महिला स्टाफ की तैनाती रही है।

आरोपित असिस्टेंट प्रोफेसर का कक्ष सील

महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य ने मंगलवार की दोपहर में आरोपित असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान का सिटिंग रूम तथा व्याख्यान कक्ष को सील करा दिया है। कार्यवाहक प्राचार्य के मुताबिक मुकदमा दर्ज होने के उपरांत प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप के मद्देनजर दोनों कक्षों को सील कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा सभी प्राध्यापकों को अब कमरा नंबर एक में ही बैठने का निर्देश दिया गया है। अभी तक प्राध्यापक व्याख्यान कक्ष के बराबर स्थित रूम में बैठते थे।

सीओ और एसडीएम ने भी की छानबीन

मंगलवार को सीओ सिटी सुनील दत्त शर्मा तथा उपजिलाधिकारी सदर योगेश कुमार गौड़ ने महिला महाविद्यालय में पहुंचकर मामले की बाबत छानबीन की। दोनों अधिकारियों ने कार्यवाहक प्राचार्य तथा अन्य स्टाफ के नाम पते भी फोन नंबर सहित नोट किए हैं। कार्यवाहक प्राचार्य ने उन्हें बताया कि इससे पहले किसी भी छात्रा ने किसी तरह की शिकायत नहीं की थी।

छात्राएं भयभीत, अभिभावकों में आक्रोश

असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद महाविद्यालय की छात्राओं में दहशत का माहौल है। जबकि अभिभावकों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। महाविद्यालय में मौजूदा समय 428 छात्राएं पंजीकृत हैं। सामान्य दिनों में ढाई सौ से लेकर तीन सौ तक छात्राएं महाविद्यालय में उपस्थित होती हैं। लेकिन शर्मनाक घटना के बाद छात्राएं कालेज आने से कतरा रही हैं। मंगलवार को सिर्फ पचास साठ छात्राएं ही कालेज में पहुंची थीं। कुछ अभिभावकों ने महाविद्यालय पहुंचकर कार्यवाहक प्राचार्य से घटना की बाबत रोष जताते हुए कहा कि इस तरह का माहौल होगा तो कौन अपनी बेटियों को महाविद्यालय में भेजेगा। कार्यवाहक प्राचार्य ने किसी तरह इन अभिभावकों को समझा बुझाकर शांत किया। कालेज परिसर में दिनभर इसी घटनाक्रम को लेकर गहमागहमी का माहौल रहा।

अग्रिम जमानत का किया जा रहा प्रयास

आरोपित असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान मुकदमा दर्ज होने के बाद फरार है। उसकी ओर से अग्रिम जमानत लेने का भी प्रयास किया जा रहा है। इस बात की भी मंगलवार को चर्चा रही। हालांकि अग्रिम जमानत संबंधी कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के बारे में अभी तक कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।

महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को सुरक्षित माहौल में पढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उक्त घटना से छात्राओं की उपस्थिति में खासी गिरावट आ गई है। कुछ अभिभावकों ने भी कालेज पहुंचकर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बात की थी। आरोपित असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान मंगलवार को अनुपस्थित रहे हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए भी संस्तुति की जा रही है।- कार्यवाहक प्राचार्य, महिला महाविद्यालय

Edited By: Ravi Mishra