बरेली, जेएनएन : जिले में इस बार भी मलेरिया का खतरनाक प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम पैरासाइट तेजी से फैल रहा है। बीते बीस दिनों में जिले में फाल्सीपेरम के 34 सौ नए मरीज पाए गए हैं। स्वास्थ्य महकमा मरीजों को तुरंत इलाज मुहैया कराने का दावा कर रहा है। वही, निरोधात्मक कार्रवाई लगातार किए जाने की बात अधिकारी कर रहे हैं।

पिछले साल जिले में फैले मलेरिया के नियंत्रण को लगातार स्वास्थ्य महकमा लगा हुआ है। बावजूद इसके साल के शुरू से ही प्लाज्मोडियम वाइवेक्स के मरीज लगातार निकल रहे हैं। खतरनाक प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम के मरीज बहुत कम थे। बीस अगस्त तक खतरनाक मलेरिया से ग्रसित होने वालों की संख्या मात्र 707 थी। इधर, बीस दिनों में उनकी संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। बीस दिन में खतरनाक मलेरिया के करीब 3400 मरीज सामने आ चुके हैं। अब तक फाल्सीपेरम के मरीजों की संख्या 4100 हो गई है। इसके अलावा प्लाज्मोडियम वाइवेक्स के मरीजों की संख्या करीब 21 हजार पहुंच चुकी है। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि मरीज का पता चलते ही आरडीटी किट से जांच कर उसकी दवा शुरू की जा रही है। इलाज से लोग ठीक हो रहे हैं। जिले में अब तक मलेरिया से किसी की मौत नहीं हुई है।

शुरु नहीं हो सका बुखार का नया वार्ड 

जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद नया वार्ड अब तक शुरू नहीं हो पाया है। अस्पताल में भर्ती करने की जगह नहीं होने के कारण डॉक्टर मरीजों को भर्ती करने से कतराने लगे हैं। इससे समस्या विकराल होती जा रही है।

जिला अस्पताल में करीब सवा तीन सौ मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। बीते दिनों से जिले में फैले बुखार व मलेरिया के कारण मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। अधिक मरीज आने के कारण अस्पताल के बेड कम पड़ने लगे हैं। मरीजों को भर्ती करने के लिए महिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में 19 बेड और 14 बेड के दो वार्ड भी लिए गए हैं। बावजूद इसके बेड लगातार कम पड़ रहे हैं। इस कारण एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। करीब पांच दिन पहले सीडीओ ने दोनों अस्पतालों का निरीक्षण कर दो दिन में नए वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इस पर महिला अस्पताल वालों ने 34 बेड के ओल्ड मैटरनिटी वार्ड को लेने को कह दिया। वहां सफाई कराई जा चुकी है, लेकिन पुरुष अस्पताल से मरीजों को वहां शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। अस्पताल से जुड़े लोग ही कह रहे कि वह जगह ठीक नहीं है। वहां संक्रमण का अधिक खतरा है।

बुखार वार्ड में भर्ती मरीज को निकला डेंगू 

जिले में मलेरिया के साथ ही डेंगू के मरीजों की भी संख्या बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल के बुखार वार्ड में भर्ती एक महिला की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। उसकी डेंगू की दवा शुरू कर दी गई है, हालांकि हालत ठीक होने पर अस्पताल से उसे छुट्टी दे दी गई। जिला महिला अस्पताल के बुखार वार्ड में भर्ती महिला को कई दिन से बुखार है। महिला में डेंगू के लक्षण मिलने पर डाक्टरों ने उसी एलाइजा जांच कराई। मंगलवार को आई रिपोर्ट में महिला को डेंगू की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद उसे बुखार वार्ड से डेंगू वार्ड में शिफ्ट किया गया। महिला की प्लेटलेट्स एक लाख से अधिक है। महिला की हालत में सुधार होने पर उसे दवा देकर अस्पताल से घर भेज दिया गया है।

सफाई कर्मचारी मुहैया कराने वाली कंपनी को पत्र भेजा है। बाहर के सफाई कर्मचारी बुलवाकर अस्पताल में सफाई कराई गई है। -डॉ. टीएस आर्या, एडीएसआइसी

ओल्ड मैटरनिटी वार्ड मरीजों को भर्ती करने के लिए ठीक नहीं है। वहां मच्छरों का खतरा बना रहेगा। इससे संक्रमण बढ़ सकता है। - डॉ. टीएस आर्या, एडीएसआइसी

बुखार के मरीजों को भर्ती करने के लिए ओल्ड मैटरनिटी वार्ड की सफाई करवा दी गई है। नई बिल्डिंग में पहले से ही दो वार्ड चल रहे हैं। - डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस, महिला अस्पताल

 

Posted By: Abhishek Pandey

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