बरेली, जेएनएन। Ganga Expressway Pass through Which Districts : योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेस-वे को धरातल पर उतारने के लिए 95 फीसद किसानों की जमीन क्रय कर ली गई है। आसपास के गांवों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा गांव-गांव सर्वे कराया जा रहा है। दिल्ली की कंपनी सामाजिक समाघात का अध्ययन कर रही है। जल्द ही टीम अपनी रिपोर्ट देगी, जिसे यूपीडा को भेजा जाएगा। इसके बाद ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। मेरठ से लेकर प्रयागराज तक बने रहे सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे में बदायूं जिले में सबसे अधिक लंबाई है। यहां बिसौली, बिल्सी, बदायूं और दातागंज तहसील क्षेत्र के 83 गांवों से होकर यह गुजरेगा।

जिला प्रशासन ने किसानों की जमीन का बैनामा कराने में तेजी से काम किया है। अधिकांश किसानों की जमीन का बैनामा कराया जा चुका है। अब पांच फीसद उन्हीं किसानों की जमीन बची है जिनका कोई विवाद है अथवा न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। अब जिन गांवों से होकर एक्सप्रेस-वे निकल रहा है वहां इसका सामाजिक और पर्यावरण के लिहाज से क्या प्रभाव पड़ेगा इसका सर्वे शुरू करा दिया गया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सर्वे का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अगले सप्ताह कंपनी अपनी रिपोर्ट दे सकती है, जिसे यूपीडा को भेजा जाएगा। इसके बाद ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

मुआवजा मांग रहे किसानों के साथ धरने पर बैठे कांग्रेसी : गंगा एक्सप्रेस-वे के नाम बैनामा कराने के 5 महीने बाद भी मुआवजा न मिलने से नाराज किसानों ने तहसील में तीसरे दिन धरना दिया। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि अगर मंगलवार तक उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितैषी बनने का ढोंग कर रही है। धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम राजेश कुमार ने कहा कि शासन को पूरी कार्यवाही भेज दी गई है। सोमवार तक बजट आने की उम्मीद है, शीघ्र ही मुआवजा मिल जाएगा। इस मौके पर कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सोमेंद्र यादव, कृष्णवीर मौर्य, मोरपाल कश्यप, रामरतन पटेल, प्रेमपाल सिंह यादव, लोकपाल सिंह, सतानन्द पाल, नन्हे सिंह, भोले सिंह, देवपाल, नरेश, चंद्रसेन, जयपाल, मोहर सिंह, ताराचंद्र, इकबाल, रामवती, विद्यादेवी आदि मौजूद रहे।

Edited By: Samanvay Pandey