जेएनएन, शाहजहांपुर : 2012 में शिष्या से दुष्कर्म के आरोप में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद के मुकदमे की सुनवाई शुक्रवार को स्थानीय स्तर पर एडीजे तृतीय एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी। चिन्मयानंद पर वर्ष 2012 में उनकी शिष्या ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में उन पर चौक कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। पीडि़ता के प्रार्थना पत्र पर हाईकोर्ट ने विवेचना को बदायूं स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।

इस मामले में वहां के सीओ ने जांच कर शाहजहांपुर में सीजेएम कोर्ट में दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी की धाराओं में चार्जशीट 23 अक्टूबर 2012 को दाखिल की थी। जिसे चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए गलत आरोपों में चार्जशीट लगाने का आरोप लगाया था, जिस पर हाईकोर्ट से स्टे हो गया था। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर 24 मई 2018 को सरकार की ओर से चिन्मयानंद पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र सीजेएम कोर्ट में दिया गया, जिस पर पीडि़ता ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

तत्कालीन सीजेएम शिखा प्रधान ने केस वापसी के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ चिन्मयानंद फिर से हाईकोर्ट गए थे, जहां से 25 जुलाई 2018 को स्टे हो गया था। तब से यह मुकदमा प्रयागराज की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन था। अब इससे संबंधित फाइल को स्थानीय स्तर पर स्थानांतरित कर दिया गया है।  

Posted By: Abhishek Pandey

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