बरेली, जागरण संवाददाता। Action will be taken against five policemen including the inspector:  गो-हत्या मामले में निलंबित हुए इज्जतनगर थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय धीर की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। अब भाजपा नेता विशाल गंगवार की गिरफ्तारी प्रकरण में संजय धीर समेत पांच पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। एसपी देहात बदायूं सिद्धार्थ वर्मा ने जांच में पांचों को दोषी पाया। उन्होंने एडीजी जोन राजकुमार को रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर पांचों पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई के लिए एडीजी ने एसएसपी को निर्देश दिये हैं। साथ ही विवेचना क्राइम ब्रांच स्थानांतरित कर दी है।

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दरअसल, भाजपा नेता विशाल गंगवार व उनके साथियों राजीव कुमार, राधे श्याम राना, रविंद्र कुमार व छह अज्ञात पर सरकारी जमीन कब्जाने, सरकारी काम में बाधा, मारपीट, अभद्रता व अन्य धाराओं में बीडीए ने बीते आठ जुलाई को प्राथमिकी लिखाई थी। 12 सितंबर की देररात इज्ज्तनगर थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय धीर ने टीम संग विशाल गंगवार के घर दबिश दी। उन्हें घर से उठा लाए और हवालात में डाल दिया।

भाजपा सांसद व विधायकों ने एडीजी से की थी शिकायत

विशाल की गिरफ्तारी पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार, भाजपा विधायकों ने नाराजगी जताई। तर्क दिया कि जिन धाराओं में विशाल पर प्राथमिकी लिखी है, उनमें गिरफ्तारी नहीं है। बेवजह भाजपा नेता की छवि धूमिल करने के लिए गिरफ्तारी की गई। सांसद व विधायकों ने एडीजी से प्रकरण में दोषी पुलिसकर्मियों के बीच कार्रवाई की मांग की।

बदायूं के एसपी देहात को सौंपी गई थी जांच

एडीजी ने एसपी देहात बदायूं सिद्धार्थ वर्मा को जांच सौंप दी। जांच में सिद्धार्थ वर्मा ने इंस्पेक्टर संजय धीर, स्थानीय चौकी इंचार्ज एवं तीन सिपाहियों को दोषी पाया। उन्होंने रिपोर्ट एडीजी को सौंप दी। इसी के बाद एडीजी ने दोषी पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई के लिए एसएसपी को निर्देश दिये हैं। बता दें कि विशाल भाजपा के पूर्व विधायक स्वर्गीय केसर सिंह गंगवार के बेटे हैं।

न वादी के बयान, न ही कटा एक भी पर्चा

जांच में हैरान करने वाली बात सामने आई। पता चला कि जिस प्रकरण में इज्जतनगर पुलिस विशाल गंगवार को गिरफ्तार कर लाई थी। उस प्रकरण में वादी के बयान ही दर्ज नहीं किए गए। आठ जुलाई को हुई प्राथमिकी में एक भी पर्चा नहीं कटा। इन सब के बावजूद सात साल से कम सजा की धारा में गिरफ्तारी की गई। इसी में संजय धीर व गिरफ्तारी में सहयोग को पहुंचे चारों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए।

एडीजी ने क्राइम ब्रांच को स्‍थानांतरित की विवेचना

एडीजी बरेली जोन राजकुमार ने कहा कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट में इज्जतनगर थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय धीर समेत पांच पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए एसएसपी को निर्देश दिये गए हैं। विवेचना क्राइम ब्रांच स्थानांतरित कर दी गई है।

Edited By: Vivek Bajpai

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