बरेली, जेएनएन। Fight Against Covid 19 : जिले में बढ़ते कोविड संक्रमण के मामले अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का सबब बनते जा रहे हैं। बढ़ती संक्रमितों की संख्या और कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या कम होने के चलते अब ग्रामीण क्षेत्र की सभी 14 सीएचसी को एल-2 कोविड सेंटर बनाने की योजना है। इसकी अनुमति के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया है। वहीं जिले की शीशगढ़ और आंवला सीएचसी को एल-2 कोविड सेंटर बनाने के लिए निदेशक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , स्वास्थ्य भवन लखनऊ को पत्र भेजा गया था, जिसकी मंजूरी मिल गई है।

कोरोना संक्रमण के जिले में प्रतिदिन केस बढ़ रहे हैं। सबसे बड़ी बात जिले में अस्पताल में भर्ती होने वाले संक्रमितों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज किए जाने के जो प्रयास किए गए वह पूरे होते नजर नहीं आ रहे। संक्रमित व्यक्ति इलाज के लिए बेड न मिलने के चलते परेशान हो रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि दो दिन पहले जिला स्तरीय अधिकारियों और सवास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के सभी सीएचसी को एल-2 कोविड सेंटर बनाने पर विचार शुरू हुआ है।

इसके चलते सभी सीएचसी के एमओआइसी (मेडिकल ऑफिसर इन-चार्ज) को तैयार रहने के लिए कहा गया है। चर्चा है कि इन सभी 14 सीएचसी में बीस-बीस बेड का एल-2 कोविड सेंटर बनाया जाएगा। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के कोविड संक्रमितों को इलाज मिलने में परेशानी न आए। वहीं बता दें कि जिले में शीशगढ़ और आंवला सीएचसी को एल-2 कोविड सेंटर बनाने की अनुमति भी मिल गई है। जिस पर काम शुरू हो गया है। हालांकि अभी शीशगढ़ को लेकर संशय की स्थिति है, इसलिए बिथरी सीएचसी को भी देखा गया है।

सीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजने की तैयारी

शीशगढ़ और आंवला समेत अन्य सभी 14 सीएचसी पर एल-2 कोविड सेंटर बनाने से पहले इनमें व्यवस्थाओं को पूर्ण किया जाएगा। इसके चलते इन अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में शीशगढ़ और आंवला में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजे जाएंगे। जिससे एल-2 कोविड सेंटर शुरू होने पर संक्रमितों को ऑक्सीजन के लिए परेशान न होना पड़े।जिला सर्विलांस अधिकारी डा. रंजन गौतम ने बताया कि संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी सीएचसी को एल-2 कोविड सेंटर बनाने की योजना है। फिलहाल शीशगढ़ और आंवला को अनुमति मिल गई है। लेकिन अभी शीशगढ़ में व्यवस्थाओं को लेकर संशय है। इसलिए विकल्प के तौर पर बिथरी को भी देखा गया है। सभी जगह ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी भेजे जाएंगे।