जेएनएन, बरेली : फेसबुक पर दोस्ती के बाद हुई लकी की हत्या की गुत्थी को क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है।  क्राइम ब्रांच को हत्यारोपित तक पहुंचने में एक मोबाइल कॉल से मदद मिली। हत्यारोपित गगन ने वारदात के बाद अपने एक दोस्त को कॉल की थी। शक पुख्ता करने के लिए गगन से जुड़े लोगों से पूछताछ हुई। जब दोस्त से पूछताछ हुई तो उसने गगन से हुई बातचीत की रिकार्डिग पुलिस को सौंप दी।

Recording Audio से open हुआ Case

क्राइम ब्रांच की टीम ने रिकार्डिग सुनी। उसमें गगन अपने दोस्त से कह रहा था कि भाई एक कांड हो गया है। प्लीज मेरी मदद कर दे। गगन के दोस्त ने जब उससे पूछा कि क्या हुआ, तो उसने मिलने की बात कही। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने गगन और उसके भाई दीपक को उठा लिया। लेकिन वे फिर से वही पुरानी बातें बताने लगा। इस पर उसे वह ऑडियो सुनाया गया। गगन टूट गया और एक-एक कर सारी सच्चाई बता दी।

Gagan से दस बार कर चुकी थी पूछताछ

गगन और उसके भाई से सुभाष नगर पुलिस सहित अलग अलग टीमें करीब दस बार पूछताछ कर चुकी थीं। पूर्व एसपी सिटी अभिनंदन ने भी इनसे पूछताछ की थी, लेकिन दोनों एक जैसी ही कहानी बता रहे थे। इसके चलते दोनों को छोड़ दिया गया।

Story बताता रहा गगन, मानती रही Police

गगन से जितनी बार भी पूछताछ हुई उसने एक ही कहानी बताई। बताया कि फेसबुक पर दोस्ती के बाद लकी उससे मिलने आया था। महानगर कालोनी पर मिलने के बाद ही वह अपने दो दोस्तों के साथ फन सिटी और उसके बाद पीलीभीत जाने की बात कह रहा था। पुलिस ने फन सिटी जाकर पूछताछ की तो गार्ड ने भी तीन लड़कों को देखने की बात कही इसलिए पुलिस को उसकी बात पर यकीन हो गया था। पुलिस लकी की तलाश में पीलीभीत भी गई थी।

बड़े भाई ने कबाड़ी के पास छोड़ दी थी लूटी Bike

लकी की बाइक को गगन का बड़ा भाई दीपक कबाड़ी के पास ले गया था। उसने कागज मांगे तो दीपक वापस आने की बात कहकर बाइक छोड़ चला गया। पुलिस ने कबाड़ी से भी पूछताछ की थी, इसमें उसका दोष नहीं पाया गया। जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।

इन्होंने Solve किया Luckey Murder Case 

राजफाश में क्राइम ब्रांच निरीक्षक राजेश कुमार, एंटी डकैती सेल प्रभारी गिरीश जोशी, इन्वेस्टिगेशन च्वग प्रभारी दारोगा अब्बास हैदर, राजकुमार सिंह, तैयब अली, संदीप चीमा, पुष्पेंद्र कुमार, संदीप कुमार, रविशंकर, रविप्रताप, विकास सिंह, विरेंद्र कुमार शामिल रहे।

घटना को खोलने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम ने लगातार काम किया। फोन कॉल मिलने, इज्जतनगर में मिले शव से तार जुड़ने और परिजनों के कपड़े पहचानने व कंबल में शव फेंकने की बात सामने आने के बाद घटना खुल सकी। -रमेश कुमार भारतीय, एसपी क्राइम

Posted By: Abhishek Pandey

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