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DU एडमिशन फर्जीवाड़ा: बरेली और बदायूं के बाद सिद्धार्थनगर से भी जुड़े तार, 16 फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बरामद

Published: Fri, 11 Sep 2026 03:12 PM (IST)

फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों के जरिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिले के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने 16 ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बरेली से आठ और बदायूं से चार प्रमाणपत्र बनाए गए, देखने और सुनने की दिव्यांगता में किया खेल

जागरण संवाददाता, बरेली। दिल्ली यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों में बीटेक जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र बरेली, बदायूं के साथ सिद्धार्थनगर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से भी तैयार किए गए थे। फरीदाबाद के जाजरू के ललित से दिल्ली पुलिस ने जो 16 दिव्यांग प्रमाण-पत्र बरामद किए, उनमें बरेली से आठ, बदायूं और सिद्धार्थनगर से चार-चार दिव्यांग प्रमाण-पत्र तैयार किए गए।

ये सभी सुनने और देखने की दिव्यांगता के बनाए गए और सब पर मुख्य चिकित्साधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। उत्तरी दिल्ली के मोरिस नगर थाने के स्पेशल स्टाफ ने 31 अगस्त को मूलरूप से अलीगढ़ एवं हाल फरीदाबाद के जाजरू निवासी ललित कुमार उर्फ आदित्य को गिरफ्तार किया था।

ललित दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रों को प्रवेश दिलाने के लिए मोटी रकम लेकर छात्रों के फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाता था। पुलिस ने उसके पास से कई शैक्षिक प्रमाण पत्र, दिव्यांग प्रमाणपत्र, आधार कार्ड आदि की प्रतियां बरामद की थीं। इनमें 16 दिव्यांग प्रमाण पत्र थे।

पुलिस ने उसका लैपटाप भी कब्जे में लिया था। ललित से पूछताछ के बाद पुलिस ने बरेली के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के दिव्यांगजन आफिस से कुलदीप को गिरफ्तार किया था।

बरेली से जो आठ दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी किए गए, वे सभी सुनने की दिव्यांगता के हैं। इसके अलावा बदायूं और सिद्धार्थनगर से जारी प्रमाणपत्र सुनने की दिव्यांगता के बनाए गए हैं।

इसके अलावा पुलिस जांच के लिए बदायूं और पीलीभीत भी गई थी। बदायूं में एक डाक्टर और कर्मचारी का नाम सामने आया था, जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से कार्रवाई भी की जा चुकी है।

दिल्ली और हरियाणा के छात्रों के प्रमाणपत्रों में बदला गया पता

बरेली, बदायूं और सिद्धार्थनगर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से बने दिव्यांग प्रमाणपत्र दिल्ली और हरियाणा के रहने वाले छात्रों के बनाए गए हैं। इनके दिव्यांग प्रमाण-पत्र में बरेली, बदायूं और सिद्धार्थनगर के अलग-अलग पते पर बने हैं।

इनमें बरेली में फरीदपुर, करगैना सुभाषनगर, गौसगंज, इज्जतनगर, सीएमओ आफिस से जो भी दिव्यांग प्रमाण पत्र बने हैं, वह बरेली और बदायूं के अलग-अलग पते पर बने हैं।

बरेली में फरीदपुर, बुखारा, इज्जतनगर, अटा कायस्थान, पटेल विहार, कैंट, डीडीपुरम के पते पर बनाए गए हैं। सहित अन्य पतों पर फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाए गए हैं।

इन सभी के आधार कार्ड में नाम, पिता का नाम और पता अलग है और दिव्यांग प्रमाणपत्र में नाम और पिता का नाम के अलावा सिर्फ पता ही अलग है।

तीन प्रमाणपत्रों की सौंपी जांच

दिल्ली पुलिस ने सीएमओ आफिस में तीन प्रमाणपत्र दिखाकर इनकी जानकारी मांगी थी। यह प्रमाणपत्र कब जारी हुए, इनके पते क्या हैं और इन्हें किस डाक्टर ने बनाया है, इसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई है। इसके अलावा जिस डाक्टर ने प्रमाणपत्र बनाए हैं, उनकी पूर्व की जांच रिपोर्ट भी दिल्ली पुलिस को दे दी गई है।

 

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