राज्यसभा टिकट कटने के बाद धर्मेंद्र कश्यप की पोस्ट- 'टाटा बाय-बाय', क्या पार्टी छोड़ने का बना लिया मन?
राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की 'टाटा बाय-बाय' फेसबुक पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप इंटरनेट मीडिया
HighLights
फेसबुक पोस्ट के लोगों ने निकालने शुरू किए सियासी मायने
जागरण संवाददाता, बरेली। राज्यसभा के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की फेसबुक पोस्ट ने लोगों को चौंका दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट पर लिखा है, ‘टाटा बाय-बाय’, जिसके राजनीतिक गलियारों में कई निहितार्थ निकालने शुरू हो गए हैं।
कांधरपुर निवासी धर्मेंद्र कश्यप ने अपनी राजनीतिक शुरूआत वर्ष 1995 में क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में की। इसके बाद वह जिला पंचायत सदस्य बने। सबसे पहले वर्ष 2002 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से उन्हें विधानसभा का टिकट दिया गया।

चुनावों में वह सन्हा (अब बिथरीचैनपुर) सीट से जीतकर विधायक बने। एक साल बाद ही बसपा की सरकार गिर गई। अन्य कई विधायकों की तरह धर्मेंद्र कश्यप भी सपा में चले गए। वर्ष 2007 में सपा ने उन्हें फिर टिकट दिया, जिस पर वह फिर जीते।
सपा ने उन्हें मंत्री भी बनाया। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनावों में वह सपा के टिकट पर लड़े, लेकिन भाजपा की मेनका गांधी से हार गए। वर्ष 2012 में सपा के टिकट पर ही बिथरीचैनपुर से विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन जीत दर्ज नहीं करा पाए।
वर्ष 2014 में सपा को छोड़कर वह भाजपा में आ गए। भाजपा के टिकट पर तब आंवला लोकसभा में विजयी हुए। वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव भी उन्होंने जीता। वर्ष 2024 में वह सपा के उम्मीदवार से पिछड़ गए।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अब वह राज्यसभा की ओर देख रहे थे। उनकी बेटी कीर्ति कश्यप भी मैदान में काफी सक्रिय हो गई थीं। राज्यसभा सदस्य के प्रत्याशी घोषित होने के एक दिन बाद ही उनकी फेसबुक वाल पर टाटा, बाय-बाय की पोस्ट के तमाम मायने लोग निकाल रहे हैं।
कई लोगों ने पोस्ट को उनकी नाराजगी की वजह भी माना है। उनकी पोस्ट पर कई लोगों के कमेंट आ रहे हैं। उनसे दूरभाष पर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बात नहीं की।
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