बरेली, जेएनएन। प्रेमनगर स्थित धर्मदत्त सिटी अस्पताल को लेकर नगर निगम और सीएमओ कार्यालय के बीच कागजी घोड़े दौड़ने शुरू हो गए हैं। सीएमओ कार्यालय के जवाब के बाद निगम के अफसर चौंक पड़े हैं। उन्होंने अस्पताल के नवीनीकरण कब किए जाने के बाबत फिर से सीएमओ को चिट्ठी भेजी है।

नगर आयुक्त के पत्र के अनुसार धर्मदत्त वैद्य सिटी आयुर्वेदिक चैरिटेबल हॉस्पिटल के लिए प्लाट संख्या 82 से 85 सी की भूमि पट्टे पर दी गई थी। पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करने पर नगर निगम बोर्ड ने छह मार्च 2003 को पट्टे का अनुबंध निरस्त कर दिया था। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि इसके खिलाफ अस्पताल प्रबंधन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी थी।

हाई कोर्ट ने अस्पताल के खिलाफ ही आदेश दे दिए हैं। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में शरण ली। उस याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर 2012 को खारिज कर दिया था। इस आदेश के चलते 28 अक्टूबर 2016 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। बीते दिनों जब वहां कब्जा लेने गए तो मरीजों को भर्ती देख कार्रवाई नहीं की।

सीएमओ को पत्र भेजकर पूछा कि वहां कैसे अस्पताल चल रहा है। क्या अस्पताल का लाइसेंस नवीनीकरण कर दिया गया। इस पर सीएमओ ने जो जवाब भेजा उसे देखकर निगम के अफसर चौंक गए। उसमें लिखा था कि अस्पताल का लाइसेंस 31 मार्च 2021 तक नवीनीकरण किया गया है। इस पर अपर नगर आयुक्त ने सीएमओ को दोबारा पत्र भेजकर लाइसेंस किन वजहों से नवीनीकरण करने की जानकारी मांगी है। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि बिना निगम को सूचना दिए अस्पताल का नवीनीकरण करना गलत है।

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