यूपी चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव, बरेली के 7 दिग्गजों को प्रदेश कार्यसमिति में दी जगह
भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए बरेली के सात अनुभवी नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किया है।

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पुराने पदाधिकारियों को जिम्मेदारी, संगठन के अनुभव के साथ जातीय समीकरण साधने की कोशिश
जागरण संवाददाता, बरेली। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन को धार देने की कवायद तेज की है। प्रदेश कार्यसमिति के नए सदस्यों की घोषणा के साथ ही पार्टी ने बरेली से सात नेताओं को जगह देकर संगठन में अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया है। इनमें दो पूर्व जिलाध्यक्ष, दो बार महानगर अध्यक्ष रह चुके नेता और लंबे समय से संगठन में सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हैं।
पार्टी के इस फैसले को पुराने पदाधिकारियों को फिर से सक्रिय भूमिका देने और आगामी चुनाव के लिए संगठनात्मक समीकरण मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा ने मुख्य कार्यकारिणी और विभिन्न मोर्चों के गठन के बाद प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों की घोषणा की है। पार्टी का जोर ऐसे नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी देने पर है।
जो पहले विभिन्न पदों पर रहकर काम कर चुके हैं और जिनका स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच प्रभाव है। विधानसभा चुनाव से पहले इन नेताओं के अनुभव का लाभ बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने में लेने की रणनीति है।
प्रदेश कार्यसमिति में शामिल प्रशांत पटेल पूर्व विधायक स्वर्गीय कुंवर सुभाष पटेल के बेटे हैं। उनकी भाभी रश्मि पटेल जिला पंचायत प्रशासक हैं। प्रशांत पटेल भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और आगामी चुनाव में दावेदारी की तैयारी कर रहे हैं।
डाॅ. केएम अरोड़ा लगातार दो बार भाजपा महानगर अध्यक्ष रह चुके हैं। महानगर संगठन की कमान संभालने के दौरान मिले अनुभव को देखते हुए उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वहीं, पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा और रविंद्र सिंह राठौर को भी प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किया गया है। दोनों नेता अपने कार्यकाल में जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय रहे हैं।
इसके अलावा गुलशन आनंद, रामगोपाल मिश्रा और रमेश कठेरिया को भी कार्यसमिति में स्थान मिला है। तीनों लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं।
पार्टी को उम्मीद है कि इन नेताओं के अनुभव और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सक्रियता से संगठन को मजबूती मिलेगी। प्रदेश कार्यसमिति में बरेली के सात नेताओं को शामिल करने के फैसले को केवल संगठनात्मक विस्तार तक सीमित नहीं माना जा रहा है।
इसके जरिए पार्टी पुराने पदाधिकारियों को साथ रखने, स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली नेताओं को सक्रिय करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश भी कर रही है।
आगामी विधानसभा चुनाव में बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय समीकरण अहम होंगे। ऐसे में प्रदेश कार्यसमिति में बरेली के नेताओं की भागीदारी को चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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