स्वाइन फ्लू का अलर्ट! बरेली मंडल में 16 केस और मौत के बाद हड़कंप, याद आया 11 साल पुराना खौफनाक मंजर
बरेली मंडल में स्वाइन फ्लू के 16 मामले सामने आने और एक मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। ...और पढ़ें

स्वाइन फ्लू
HighLights
जिले में वर्ष 2015 में स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक 57 मामले आए थे, छह की हुई थी मौत
अभी बरेली में पांच केस आए हैं लेकिन प्रदेश में लगातार केस बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
जागरण संवाददाता, बरेली। दिल्ली-एनसीआर के साथ प्रदेश में स्वाइन फ्लू के लगातार बढ़ते केस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बरेली मंडल में भी अब तक 16 केस आ चुके हैं, जिसमें बदायूं की एक महिला की मौत भी हो चुकी है। बरेली में अभी भले ही पांच केस आए हों लेकिन 11 वर्ष पहले यहां स्वाइन फ्लू का प्रकोप हुआ था।
तब एक साथ 57 मरीज संक्रमित मिले थे, जिसमें छह की मौत हो गई थी। जिले में डेंगू और मलेरिया का भी आउटब्रेक पूर्व के वर्षों में हो चुका है, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्ष 2009 में सबसे पहले स्वाइन फ्लू के छह मरीज संक्रमित मिले थे। इसके बाद दूसरे साल पांच मरीज मिले, जिसमें एक की मौत भी हुई थी। इसके बाद 2011, 2012, 2013 और 2014 में इक्का-दुक्का मरीज ही संक्रमित मिले थे लेकिन छह वर्ष बाद एक साथ 57 मरीज मिलने से जिले में खलबली मच गई थी।
इस दौरान छह मरीजों की मौत भी हो गई थी। इसके बाद प्रति वर्ष एक-दो केस ही आते रहे और पांच वर्ष बाद काेराेना आया। कोरोना के दौरान तमाम मरीज संक्रमित हुए और कुछ लोगों की जान भी गईं थीं।
इस वर्ष दिल्ली-एनसीआर और पूरे प्रदेश में जिस तरह से स्वाइन फ्लू के केस बढ़ रहे हैं, उससे स्वास्थ्य विभाग रोकथाम की पूरी तैयारी में जुट गया है। सीएमओ डा. विश्राम सिंह ने बताया कि जिले में विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया गया है। जिला अस्पताल में जांचें भी शुरू की जाएंगी।
बरेली में 2019 में मलेरिया का हुआ था आउटब्रेक
बरेली में छह साल पहले मलेरिया का आउटब्रेक हुआ था। यहां कोविड से पहले वर्ष 2019 में मलेरिया के 46 हजार मरीज आए थे, जो प्रदेश, देश के साथ पूरी दुनिया में सबसे अधिक थे। एक वर्ष पहले भी बरेली में मलेरिया के 37 हजार केस आए थे।
इसके अलावा वर्ष 2023 में 2490, 2024 में 2817 और 2025 में 1938 मरीज मिले थे। इस वर्ष दो सितंबर तक मलेरिया के 334 केस मिले हैं। बरेली में वर्ष 2021 और 2023 में डेंगू के भी पांच सौ से अधिक मरीज मिले थे, हालांकि इस वर्ष अब तक छह केस ही मिले हैं।
अभी सरकारी अस्पतालों में नहीं शुरू हुईं जांचें
स्वाइन फ्लू के लगातार केस बढ़ने के बाद से तुरंत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद बरेली जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया गया। यहां मरीजों की जांचें भी निश्शुल्क होनी हैं।
मुख्यमंत्री ने भी सरकारी अस्पतालों में निश्शुल्क जांचें करने और निजी अस्पताल में जांचों के अधिक रुपये न लेने के निर्देश जारी किए हैं लेकिन अभी तक बरेली के जिला अस्पताल में जांचें शुरू नहीं हुई हैं।
यहां ट्रूनाट मशीन से जांचों के लिए 200 वीटीएम भी आ गई हैं लेकिन अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत ही जांचें करने की बात कह रहे हैं।
वहीं बरेली मंडल के पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के सरकारी अस्पतालों में भी अभी जांचें शुरू नहीं हुई हैं। बरेली में जो पांच संक्रमित मरीज मिले, उसमें चार लोगों की जांचें जिले से बाहर हुई थीं और एक महिला की जांच बरेली की ही निजी लैब में हुई थी।
वहीं बदायूं में जिस महिला की मौत हुई, उसकी जांच भी बरेली की निजी लैब में हुई थी। इससे साफ है कि निजी लैब में तो जांचें हो रही हैं लेकिन सरकारी में नहीं।
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