बरेली: मिलों में पड़ा 1.24 लाख क्विंटल स्टॉक, फिर भी 60 रुपये किलो पहुंची चीनी, खेल जानकर रह जाएंगे हैरान!
बरेली में चीनी मिलों में भारी स्टॉक होने के बावजूद बाजार में चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं, जबकि थोक ...और पढ़ें

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HighLights
बार-बार हो रही बरसात के चलते चीनी मिलों में पेराई सत्र मध्य नवंबर से शुरू होंगे
जागरण संवाददाता, बरेली। बाजार में चीनी की कीमतों में फिर उछाल आया है। जबकि जिलों की चीनी मिलों में 4,500 रुपये क्विंटल चीनी भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। मिलों से थोक में उठान ही नहीं हो रहा है और बाजार में कीमत बढ़ती जा रही है।
चीनी मिलों में इस बार पेराई सत्र 15 दिन पहले शुरू किए जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन बार-बार हो रही बरसात के चलते मध्य नवंबर में ही पेराई सत्र शुरू होने के आसार दिख रहे हैं।
त्योहारों पर चीनी के दाम में बार-बार वृद्धि होना कहीं न कहीं प्रशासन की उदासीनता प्रदर्शित कर रही है। गन्ना विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले की सेमीखेड़ा चीनी मिल में 57,000 क्विंटल और फरीदपुर चीनी मिल में 67,000 क्विंटल चीनी उपलब्ध है।
यह भी कहा जा रहा है कि 4,500 रुपये क्विंटल चीनी थोक में दी जा रही है। सवाल उठ रहा है कि अगर थोक में चीनी 45 रुपये किलो मिल जा रही है तो बाजार में 60 रुपये किलो कैसे बिक रही है।
बताया जा रहा है कि मिल कर्मियों और कुछ व्यापारियों की मिलीभगत से खेल किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस खेल को पकड़ने की जहमत नहीं उठा रहे हैं।
चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इस बार चीनी मिलों में पेराई सत्र 15 दिन पहले ही शुरू करने की बात कही जा रही थी, लेकिन बार-बार हो रही बरसात के चलते इस समय गन्ने की कटाई आसान नहीं होगी।
मिल में गन्ना की पेराई से परता भी अपेक्षित नहीं मिल पाएगा। पिछली साल भी सात नवंबर के बाद ही पेराई सत्र की शुरूआत हुई थी, इस बार सत्र सप्ताहभर और आगे बढ़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं।
जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी का कहना है कि चीनी मिलों से 4,500 रुपये क्विंटल थोक में चीनी दी जा रही है, लेकिन खरीदार नहीं आ रहे हैं।
उपायुक्त गन्ना राजेश कुमार मिश्र का कहना है कि गन्ने के खेतों में पानी भरा है, इस समय कटाई-छोलाई मुश्किल है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में ही पेराई सत्र शुरू हो सकेगा।
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